नियमित दवा और परहेज से तेजी से असर करती है होम्योपैथी : डॉ हर्ष निगम

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नियमित दवा और परहेज से तेजी से असर करती है होम्योपैथी : डॉ हर्ष निगम


नियमित दवा और परहेज से तेजी से असर करती है होम्योपैथी : डॉ हर्ष निगम


नियमित दवा और परहेज से तेजी से असर करती है होम्योपैथी : डॉ हर्ष निगम


-होम्योपैथी बनी प्रभावी विकल्प, जटिल रोगों में भी कारगर-भ्रांतियां दूर करें, होम्योपैथी अपनाएं

कानपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। होम्योपैथी आज विश्व की दूसरी सबसे बड़ी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है और यह दीर्घकालिक व तीव्र रोगों के उपचार में सुरक्षित व प्रभावी साबित हो रही है। इसके माध्यम से शरीर की प्राकृतिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय कर बेहतर स्वास्थ्य प्रदान किया जा सकता है। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर इस पद्धति को अपनाने की आवश्यकता है। नियमित दवा और परहेज से होम्योपैथिक उपचार तेजी से असर करता है और जटिल बीमारियों में भी कारगर साबित होता है। यह बातें शुक्रवार को वरिष्ठ होमियोपैथी चिकित्सक डॉ हर्ष निगम ने कही।

विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर आज लाल इमली स्थित हनीमैन चौराहे पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान होम्योपैथी के जनक सैमुअल हैनीमैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डॉ हर्ष निगम ने बताया कि हैनीमैन के 271वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय डॉ जगदीश चंद्र निगम ने करीब 40 वर्ष पूर्व इस स्थान पर हैनीमैन की प्रतिमा स्थापित कराई थी और इसी चौराहे का नाम हनीमैन चौराहा रखने की पहल की थी। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर वर्ष यहां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

अपने संबोधन में डॉ हर्ष निगम ने कहा कि होम्योपैथी “समरूपता के सिद्धांत” पर आधारित एक प्रभावी चिकित्सा प्रणाली है, जिसमें रोगी के लक्षणों के अनुसार अत्यंत सूक्ष्म मात्रा में दवा दी जाती है। इससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सक्रिय होती है और मरीज को दीर्घकालिक लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि यह पद्धति विशेष रूप से क्रोनिक बीमारियों में कारगर है, जबकि एक्यूट रोगों में भी शीघ्र राहत देती है।

आगे उन्होंने कहा कि आज भी समाज में यह भ्रांति फैली हुई है कि होम्योपैथिक दवाएं देर से असर करती हैं, जबकि यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रोगी नियमित रूप से दवा का सेवन करे और आवश्यक परहेज का पालन करे, तो होम्योपैथिक उपचार तेजी से लाभ पहुंचाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पद्धति में कई ऐसी जटिल और लंबे समय से चली आ रही बीमारियों के जड़ से उपचार की क्षमता है, जिनका अन्य चिकित्सा प्रणालियों में संतोषजनक समाधान नहीं मिल पाता।

इस अवसर पर डॉ आशुतोष मिश्रा, सतनाम सिंह लांबा, डॉ प्राची निगम, डॉ विराट निगम, डॉ दीप्ति सचान, डॉ नेहा यादव और डॉ अंजलि सैनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी शुभकामनाएं

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने विश्व होम्योपैथिक दिवस पर डॉ हर्ष निगम को प्रस्तुति पत्र बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से जनपद में बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने आशा जताई कि इस पद्धति को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे लोगों को निरंतर लाभ मिलता रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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