होम स्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा ग्रामीण पर्यटन- जयवीर सिंह

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होम स्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा ग्रामीण पर्यटन- जयवीर सिंह


लखनऊ, 19 सितंबर (हि.स.)। 'विजिट माय स्टेट' अभियान को गति देने के साथ उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को विशिष्ट पहचान दिलाने तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पर्यटन विभाग ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 31 होम-स्टे संचालकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। 15 से 19 सितंबर तक चले प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को होम-स्टे के प्रभावी संचालन, पर्यटन कौशल और बेहतर आतिथ्य सेवाओं के व्यावहारिक गुर सिखाए गए।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'सरकार ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। होम स्टे संचालकों को प्रशिक्षण के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और कौशल विकास के साथ आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान होम-स्टे संचालन की बारीकियों, पर्यटकों के बेहतर आतिथ्य, स्वच्छता, स्थानीय संस्कृति एवं खानपान को पर्यटन से जोड़ने तथा डिजिटल माध्यमों के प्रयोग व प्रचार-प्रसार की जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2047 तक पर्यटन का राज्य की जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडेड) में योगदान बढ़ाकर 5 प्रतिशत और देश के पर्यटन जीवीए में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को 16 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में होम-स्टे नेटवर्क को विस्तार देने के लिए एक लाख कमरों की आवश्यकता है। पर्यटन विभाग द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों से होम-स्टे को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।'

होम-स्टे संचालकों को पेशेवर आतिथ्य सेवा प्रदाता बनाने के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण में व्यवसाय संचालन से लेकर पर्यटकों की बेहतर सेवा तक की बारीकियां सिखाई गईं। विशेषज्ञों ने कम लागत में प्रभावी मार्केटिंग, ब्रांडिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रचार के साथ टैरिफ निर्धारण, लागत नियंत्रण, अतिथि पंजीकरण और शिकायत निवारण की जानकारी दी। हाउसकीपिंग, रखरखाव, इंटीरियर, स्वच्छता, सुरक्षा और सेवा प्रोटोकॉल पर भी विशेष जोर रहा।

पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में चार दिन सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया, जबकि पांचवें दिन प्रतिभागियों को राजधानी लखनऊ के कठवारा स्थित कृष्णा होम स्टे, आकाश होम स्टे एवं मिदौरी फार्म स्टे का भ्रमण कराया गया। साथ ही उन्हें स्टोरी टेलिंग की बारीकियां समझाते हुए बताया गया कि कहानियों के जरिए पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और खास अनुभवों से कैसे जोड़ा जा सकता है। तत्पश्चात, प्रतिभागियों का मूल्यांकन कर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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