जरीबचौकी में ऐतिहासिक मंदिर व महापुरुषों की मूर्तियों को हटाने की धमकी पर आक्रोश

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जरीबचौकी में ऐतिहासिक मंदिर व महापुरुषों की मूर्तियों को हटाने की धमकी पर आक्रोश


कानपुर, 22 फरवरी (हि.स.)। जरीबचौकी में ऐतिहासिक महत्व की बापू, नेहरू और शास्त्री की मूर्ति और भगवान शिव और हनुमानजी के 125 वर्षों से अधिक के प्राचीन मंदिर को हटाने की धमकी से आक्रोशित कांग्रेस जनों और क्षेत्रीय लोगों ने रविवार को महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता की अगुआई में मूर्ति स्थल पर एकत्रित होकर अपना आक्रोश जताते हुए सहमति बनाकर ऐतिहासिक महत्व के मन्दिर व महापुरुषों की मूर्तियों स्थल को संजोते हुए कोई भी विकास कार्य करने की मांग की।

महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि भाजपा एक मिशन की तरह बापू, नेहरू और शास्त्री जैसे महापुरुषों को अपमानित करने का काम कर रही है। जुलाई 1934 में जरीबचौकी स्थित इस मंदिर में बापू आए थे और यहां सभा भी की थी। बापू तब तिलक हाल का उद्घाटन करने आए थे। यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए आस्था और स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष के अनकहे इतिहास का गवाह है।

पवन गुप्ता ने जानकारी दी कि दो दिन पूर्व पीडब्ल्यूडी के एसके सुमन और कुछ अधिकारी आए और दो दिन में मंदिर और बापू, नेहरू, शास्त्री की मूर्ति और अशोक की लाट चिन्ह आदि हटाने की धमकी दे गए। क्षेत्रीय लोग इस बात से बेहद आक्रोशित हैं। आस्था के साथ साथ स्वतंत्रता आंदोलन और देश के इतिहास के लिए यह स्थल बेहद महत्वपूर्ण है। उन्हाेंने बताया कि क्षेत्रीय लोगों और कानपुर के लोगों की भावनाओं का आदर हो और सहमति बनाकर उचित निर्णय लिया जाए। कार्यवाही ऐसी हो कि आस्था व ऐतिहासिक महत्व से कोई समझौता न हो।

कार्यक्रम के दौरान महासचिव विजय त्रिवेदी, उपाध्यक्ष पदम मोहन मिश्रा, उपाध्यक्ष रितेश यादव, राम शंकर राय, अजय श्रीवास्तव शीलू, उपेंद्र यादव, देव राय, विनोद अवस्थी, राजेश सविता आदि थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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