संघ शताब्दी वर्ष में आयोजित हिन्दू सम्मेलनों का देश भक्ति एवं हिन्दुत्व से परिपूर्ण गीतों के साथ हुआ समापन
मथुरा, 03 फरवरी(हि.स.)। संघ शताब्दी वर्ष में संपूर्ण देश में हो रहे हिंदू सम्मेलनों के अंतर्गत मथुरा महानगर में मंगलवार नर्सीपुरम, बालाजीपुरम, औरंगाबाद, बजरंग चौराहा, माधवपुरी, मयूर विहार, विश्व लक्ष्मी नगर,चामुंडा देवी मंदिर, राधापुरम वृंदावन रोड, कृष्णा ग्रीन अभिमन्यु बस्ती, डीएवी इंटर कॉलेज, सदर बाजार,छत्ता बाजार, राधेश्याम कॉलोनी,आनंदवन बस्ती, जनकपुरी, वल्लभ बस्ती ,चंद्रपुरी, राधा नगर,यमुना पार, राधा वैली कॉलोनी, दशभुजी गणेश बस्ती, गणेशरा आदि में हिंदू सम्मेलन संपन्न हुआ।
सम्मेलनों का प्रारंभ मंच पर विराजित भारत माता चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण से हुआ। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देशभक्ति पूर्ण गीत एवं नाटकों का प्रस्तुतीकरण स्थानीय बालक एवं बालिकाओं ने किया। देश भक्ति एवं हिंदुत्व से परिपूर्ण गीतों के वाचन से वातावरण गूंजायमान हो उठा। हिंदू सम्मेलनों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज हिंदू समाज देश विरोधी शक्तियों के कुचक्र के कारण पुनः संकट की स्थिति में है। इतिहास गवाह है जब-जब हिंदू शक्ति ने अंगड़ाई ली है तब तक भारत की तरुनाई उठी है। जब जब हिंदू बंटा है तब तब देश कटा है। संगठित हिंदू ही समर्थ भारत की पहचान है। आज पुनः हिंदू समाज को स्वयं का जागरण कर संगठित होने की आवश्यकता है तभी अपना देश भारत सुरक्षित रह सकता है।
हिंदू सम्मेलन में संत शक्ति के रूप में बोलते हुए धर्माचार्यों ने कहा कि सनातन धर्म को मिटाने के लिए आज अनेक अनेक प्रकार के षड्यंत्र हो रहे हैं लेकिन सनातन धर्म अनादि एवं अनंत है। आवश्यकता केवल सनातनियों को अपनी शक्ति पहचान का उठ खड़े होने की है। यदि हम सभी सनातनी भारतवासी अपनी शक्ति को पहचान कर संगठित होंगे तो इन विधर्मियों के नापाक षड्यंत्र कभी सफल नहीं हो सकेंगे। हिंदू सम्मेलनों के बारे में जानकारी देते हुए संघ के महानगर कार्यवाह विजय बंटा सर्राफ ने बताया कि बस्ती अनुसार हो रहे यह हिंदू सम्मेलन समाज के जन जागरण एवं भारत की सशक्तता हेतु हैं। संपूर्ण देश के साथ-साथ अपने इस मथुरा महानगर में भी सभी बस्तियों में यह हिंदू सम्मेलन के कार्यक्रम चल रहे हैं और यह 22 फरवरी तक चलते रहेंगे। हिंदू सम्मेलनों में संत शक्ति के रूप में ठाकुर संजीव कृष्ण महाराज, सत्यमित्रानंद महाराज, छमानंद महाराज,अनिरुद्ध आचार्य महाराज, कृष्णानंद जी महाराज ,सत्यम महाराज, रसिया बाबा महाराज, आदित्य आनंद महाराज,अनमोल महाराज,साध्वी हेमलता शास्त्री जी, साध्वी ध्यानमूर्ति, साध्वी बहन निधि देवी जी आदि अनेक संत एवं साध्वी अपने प्रवचनों के माध्यम से सनातन एकता का संदेश दे रहे हैं। मातृशक्ति के रूप में मालती मिश्रा, ललिता गुप्ता, कीर्ति शर्मा , विद्योतमा, डॉ भारती, डॉ नीता सिंह सहित अनेक मातृशक्ति अपने उद्बोधन के द्वारा नारी शक्ति को जगाने के कार्य में लगी है। सम्मेलन में वक्ताओं के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच के वरिष्ठ अधिकारियों सहित हिंदू समाज के अनेकानेक संगठनों के प्रखर वक्ता अपने उद्बोधन के माध्यम से समाज जागरण के साथ-साथ समाज संगठन से ही भारत पुनःविश्व गुरु के स्थान पर आसीन हो सकता है, यह संदेश देने में लगे हैं।
कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के बाद प्रसाद के साथ हो रहा है। इन हिंदू सम्मेलनों में हजारों की संख्या में माता बहन सहित महिला पुरुषों ने सहभागिता की है। प्रत्येक बस्ती में हिंदू सम्मेलनों के प्रति सनातन धर्मियों में अपार उत्साह का वातावरण है।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

