शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं : योगेंद्र उपाध्याय
कानपुर, 05 मई (हि.स.)। शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। वे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार शिक्षकों और शिक्षामित्रों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। मानदेय दस हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया है। यह बातें मंगलवार को जिले प्रभारी मंत्री उच्च शिक्षा योगेंद्र उपाध्याय ने कही।
मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स सभागार में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से चयनित कुल 12 शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए उन्हें प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद प्रभारी मंत्री उपाध्याय ने चयनित शिक्षामित्रों को डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित किया और कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार काम कर रही है।
सम्मानित होने वालों में ककवन से दुष्यंत सिंह यादव, बिल्हौर से सुरेंद्र सिंह, भीतरगांव से रंजना, चौबेपुर से स्मृति मिश्रा, कल्याणपुर से बबिता कुरील, सरसौल से विनय, शिवराजपुर से रंजना मिश्र, पतारा से पूजा सिंह, बिधनू से हेमंत अवस्थी, घाटमपुर से सोनी भदौरिया तथा नगर क्षेत्र से त्रिभुवन और विवेक मिश्र शामिल रहे। सभी शिक्षामित्रों ने इस पहल के लिए आभार जताते हुए आगे भी पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक नीलिमा कटियार, सरोज कुरील और सुरेंद्र मैथानी, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, एडीएम सिटी डॉ राजेश कुमार, डीआईओएस संतोष राय, बीएसए सुरजीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

