उप्र का बांदा बना देश के सबसे गर्म जिला, सरकार ने जारी की एडवायजरी
बांदा, 24 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश का जनपद बांदा इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। पिछले लगभग एक सप्ताह से यहां का तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बांदा न केवल प्रदेश बल्कि देश के सबसे गर्म जिलों में शुमार हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सरकार ने खासतौर पर मजदूर वर्ग की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोगों को गर्मी से बचाव के प्रति लगातार जागरूक किया जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक जरूरत न हो तो घरों से बाहर न निकलें। वहीं मजदूरों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे इस दौरान धूप में काम न करें और छायादार स्थानों पर ही कार्य करें।
निर्माण स्थलों पर श्रमिकों के लिए छाया और शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस भीषण गर्मी में किसी भी श्रमिक के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गर्मी से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे अलर्ट पर रखा है। चिकित्सा विभाग और प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाकर आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी की गई है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर दिनेश शाहा ने बताया कि शुक्रवार को बांदा का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि 20 अप्रैल से ही तापमान में तेजी आई है। प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। सभी सरकारी अस्पतालों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को हीट वेव से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
इसके अलावा, शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में पानी के टैंकर लगाए गए हैं और वाटर कूलर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। जिले के लगभग 37,000 हैंडपंपों की नियमित निगरानी के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

