पूर्व विधायक विजय मिश्र की पत्नी रामलली मिश्र की 10 साल की सजा पर हाईकोर्ट की रोक

WhatsApp Channel Join Now
पूर्व विधायक विजय मिश्र की पत्नी रामलली मिश्र की 10 साल की सजा पर हाईकोर्ट की रोक




भदोही,08 अगस्त (हि.स.)। इलाहबाद हाईकोर्ट ने भदोही जिले से बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी एवं पूर्व एमएलसी रामलली मिश्रा को मिली 10 साल की सजा को फिलहाल निलंबित कर दिया है और अपील की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने यह आदेश 6 अगस्त को दिया है।

ट्रायल कोर्ट ने उन्हें धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी समेत कई धाराओं और आईटी एक्ट के तहत दोषी माना था। अधिकतम 10 वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।

अपील के दौरान पूर्व एमएलसी रामलली मिश्रा की ओर से सजा रोकने और जमानत देने की मांग की गई। उनके अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह 70 वर्ष की हैं और ट्रायल के दौरान भी उन्हें अग्रिम जमानत मिली थी। दोषसिद्धि के बाद वह करीब तीन महीने जेल में रह चुकी हैं।

रामलली मिश्रा के अधिवक्ता ने मामले को मुख्य रूप से व्यापारिक विवाद से जुड़ा बताते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाए। वहीं, राज्य सरकार और शिकायतकर्ता की ओर से जमानत का विरोध किया गया। उनका कहना था कि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही रामलली मिश्रा को दोषी ठहराया है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले के अंतिम गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना माना कि सजा को निलंबित करने का आधार बनता है। इसके बाद अदालत ने सजा निलंबित करने की अर्जी स्वीकार कर ली।

हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि रामलली मिश्रा को व्यक्तिगत बंधपत्र और दो जमानतदार पेश करने पर जमानत पर रिहा किया जाए। दो जमानतदारों में से एक परिवार का सदस्य होना जरूरी होगा। हालांकि, हाईकोर्ट के इस आदेश का मतलब रामलली मिश्रा का बरी होना नहीं है। ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि अभी खत्म नहीं हुई है। हाईकोर्ट में उनकी अपील पर अंतिम फैसला होना बाकी है। फिलहाल अपील लंबित रहने तक उनकी 10 साल की सजा पर रोक रहेगी और उन्हें जमानत पर बाहर आने का अधिकार मिल गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रभुनाथ शुक्ल

Share this story