भारत-नेपाल के सीमावर्ती गाँवों के लिए रवाना हुई गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा

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भारत-नेपाल के सीमावर्ती गाँवों के लिए रवाना हुई गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा


लखनऊ, 05 फरवरी (हि.स.)। नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन और श्रीगुरु गोरखनाथ सेवा न्यास द्वारा आयोजित “गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0” का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन ने गुरूवार को डॉ० राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में किया।

इस अवसर पर संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन ने कहा कि यह स्वास्थ्य यात्रा एक अनुभव यात्रा भी है। विगत पाँच वर्षों से इस अभियान में शामिल डॉक्टरों ने इसमें सहभागी होकर काफी सेवा अनुभव लिया है लेकिन कुछ डॉक्टर पहली बार दुर्गम क्षेत्र में अनुभव लेंगे। जीवन में सेवा का जो यह अवसर गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा से मिला है। इसमें अपने मनोयोग पूर्ण सहभागिता से अपना जीवन धन्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा थारू जनजाति धार्मिक भाव की जनजाति है। उनके मतान्तरण के प्रयास होते रहे हैं लेकिन वे धर्मनिष्ठ अडिग हैं। ऐसे में हमारी यात्रा उनकी सेवा के लिए ही है। अभी भी एक गाँव था जहाँ सड़क नहीं थी, लेकिन पिछले साल यात्रा पहुँची तो पीपे का पुल बनाकर गाँव को जोड़ा गया। शहरी जीवन में तैयार होने वाले डॉक्टर गाँव में जाकर इसका अनुभव कर सकते हैं कि सीमा पर रहना कितना कठिन है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मेडिकल संस्थाओं में जिस तरह से सफेद कोट आतंकवाद का नेटवर्क फैल रहा है उसे देखते हुए हमारे छात्र-छात्राओं को सतर्क रहने की जरूरत है और ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए नियम सम्मत एवं आवश्यक कदम उठाना चाहिए। राष्ट्र की सुरक्षा के मुद्दे से किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जा सकता।

कार्यक्रम में चिकित्सकों को विश्व की सबसे छोटी ईसीजी मशीन “स्पन्दन ईसीजी मशीन” का वितरण किया गया। बिना बैटरी और इंटरनेट के भी कार्य करने में सक्षम यह अत्याधुनिक मशीन रिमोट एरिया में त्वरित व सटीक जांच को सम्भव बनाकर जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाएगी।

न्यास के महासचिव डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार की यात्रा में लगभग 70 मेडिकल संस्थानों से 700 चिकित्सक एवं मेडिकल छात्र भाग ले रहे हैं जो भारत-नेपाल सीमा के थारू बाहुल्य पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, महाराजगंज एवं सिद्धार्थनगर जिलों में लगभग 300 स्थानों पर ये मेडिकल कैम्प आयोजित हो रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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