भारत–नेपाल सीमा पर थारू क्षेत्रों के लिए रवाना हुई ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’

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भारत–नेपाल सीमा पर थारू क्षेत्रों के लिए रवाना हुई ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’


भारत–नेपाल सीमा पर थारू क्षेत्रों के लिए रवाना हुई ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’


गोरखपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। भारत–नेपाल सीमावर्ती थारू जनजाति बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन (एन.एम.ओ.) गोरक्ष प्रान्त द्वारा छठवीं ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’ का आयोजन 20 से 22 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। ‘स्वास्थ्य सेवा से राष्ट्र सेवा’ के संकल्प के साथ आयोजित यह यात्रा विगत पांच वर्षों से निरंतर सेवा कार्य करती आ रही है।

इस वर्ष यात्रा के अंतर्गत सिद्धार्थनगर और महाराजगंज से जुड़े लगभग 110 किलोमीटर के सीमावर्ती क्षेत्र में दो दिनों के भीतर कुल 56 निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से लगभग 25 हजार मरीजों के उपचार, निःशुल्क दवा वितरण, स्वास्थ्य जीवनशैली संबंधी परामर्श तथा रोग-निवारण की जानकारी दी जाएगी। विशेष रूप से रक्ताल्पता (एनीमिया), स्वच्छता, पोषण और संक्रामक रोगों की रोकथाम पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी जाएगी।

शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव (निदेशक, के.एम.सी. मेडिकल कॉलेज) उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में प्रान्त प्रचारक गोरक्ष प्रान्त रमेश जी ने चिकित्सकों के आदर्श चरित्र, त्याग और समर्पण की भावना पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव (महापौर, गोरखपुर) ने एन.एम.ओ. के उद्देश्य ‘स्वास्थ्य सेवा से राष्ट्र सेवा’ की सराहना की।

कार्यक्रम में डॉ. महेन्द्र अग्रवाल (संरक्षक, एन.एम.ओ.) ने संगठन के सेवा कार्यों को निरंतर समर्थन देने का आश्वासन दिया। बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। एन.एम.ओ. गोरक्ष प्रान्त के अध्यक्ष डॉ. राजेश बरनवाल तथा सचिव डॉ. अमित सिंह ‘श्रीनेत’ ने यात्रा की रूपरेखा प्रस्तुत की और सभी अतिथियों का परिचय कराया।

यात्रा में एम्स गोरखपुर, बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, बस्ती एवं सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सक, मेडिकल स्टूडेंट्स एवं निजी चिकित्सक भाग ले रहे हैं। 20 फरवरी को दोपहर 2 बजे गोरखनाथ मंदिर परिसर से बसों को रवाना किया गया।

तीन दिवसीय इस सेवा अभियान के दौरान चिकित्सकों की टीम सिद्धार्थनगर एवं महाराजगंज जनपदों के भारत–नेपाल सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में थारू जनजाति सहित सर्वसमाज के जरूरतमंद मरीजों का उपचार करेगी। उपचार के साथ-साथ लोगों में गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता, स्वच्छता का संदेश तथा राष्ट्रीयता, नैतिकता और देशप्रेम की भावना जागृत करने का भी प्रयास किया जाएगा।

एन.एम.ओ. गोरक्ष प्रान्त के पदाधिकारियों ने बताया कि यह स्वास्थ्य सेवा यात्रा केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक संवेदना और समर्पण पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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