ग्राउंड रिपोर्टिंग और स्टूडियो एंकरिंग की दक्षता ही बनाती है सफल टीवी पत्रकार : प्रो. मनुकोण्डा रवीन्द्रनाथ
कानपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। ग्राउंड रिपोर्टिंग की संवेदनशीलता और स्टूडियो एंकरिंग की प्रभावशाली प्रस्तुति, दोनों में समान दक्षता ही एक सफल टीवी पत्रकार की पहचान है। यह बातें शनिवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के मीडिया विभाग के प्रोफेसर डॉ. मनुकोण्डा रवीन्द्रनाथ ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में आयोजित दो दिवसीय टीवी प्रोडक्शन कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। कार्यशाला के अंतिम दिन विद्यार्थियों को टीवी पत्रकारिता के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस श्वेता अरोरा मलहोत्रा ने प्रतिभागियों को टीवी समाचार साक्षात्कार, समाचार बहस, स्टूडियो एंकरिंग, समाचार पैकेज निर्माण और कैमरे के सामने प्रभावी प्रस्तुति की बारीकियां सिखाईं।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने समाचार चयन, स्क्रिप्ट लेखन, दृश्य चयन, वॉयस ओवर, बाइट्स के उपयोग, पीस-टू-कैमरा (पीटीसी), स्टूडियो प्रस्तुति और अंतिम समाचार पैकेज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया। समसामयिक विषयों पर आयोजित समाचार बहस में विद्यार्थियों ने एंकर, विशेषज्ञ और प्रवक्ता की भूमिका निभाकर अपनी प्रस्तुति कौशल का प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. मनुकोण्डा रवीन्द्रनाथ ने कहा कि मीडिया उद्योग में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक दक्षता और बहुआयामी कौशल भी आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समाचारों के प्रति जिज्ञासा, तथ्यों की गहन पड़ताल, निष्पक्ष दृष्टिकोण और नई तकनीकों के साथ निरंतर सीखते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने आत्मविश्वास और तथ्यपरक प्रस्तुति ही दर्शकों का विश्वास जीतती है।
विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विभाग विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा देने के उद्देश्य से नियमित रूप से व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों को मीडिया उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के साथ उनके रोजगार के अवसर भी बढ़ाते हैं।
कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने अपने तैयार किए गए समाचार पैकेज, साक्षात्कार और एंकरिंग प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया, जिनकी विशेषज्ञों ने समीक्षा कर आवश्यक सुझाव दिए। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ओमशंकर गुप्ता, डॉ. हरिओम कुमार और सागर कनौजिया ने किया। इस अवसर पर डॉ. योगेन्द्र पाण्डेय, डॉ. होइमावती तालुकदार, डॉ. जितेन्द्र डबराल, डॉ. रश्मि गौतम, प्रेम किशोर शुक्ला सहित विभाग के शिक्षक और शोधार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

