शिक्षक ऐसा काेई कार्य न करें जिससे गुरु की गरिमा काे पहुंचे ठेस : राज्यपाल

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शिक्षक ऐसा काेई कार्य न करें जिससे गुरु की गरिमा काे पहुंचे ठेस : राज्यपाल


लखनऊ, 20 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक एवं प्रस्तुतीकरण संपन्न हुआ। बैठक में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की शैक्षणिक, प्रशासनिक, आधारभूत एवं छात्रहित संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

राज्यपाल ने समीक्षा के दौरान महाविद्यालयों में पाई गई कमियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए शासन, विभागीय अधिकारियों एवं कुलपति को निर्देश दिए कि सभी महाविद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा कमियों को तत्काल दूर किया जाए।

राज्यपाल ने महिला महाविद्यालयों के छात्रावासों की स्थिति सुधारने और छात्राओं के संरक्षण एवं सकारात्मक मार्गदर्शन पर विशेष बल देते हुए कहा कि उन्हें सही दिशा प्रदान की जाए ताकि वे असामाजिक तत्वों के प्रभाव से दूर रहकर सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ऐसी समितियों के गठन के निर्देश दिए जहां छात्राएं एवं छात्र अपनी समस्याएं खुलकर रख सकें तथा उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने शिक्षकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी शिक्षक ऐसा कार्य न करे जिससे गुरु की गरिमा एवं महिमा को ठेस पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा कहा कि शिक्षक समय से कक्षाओं में जाएं और विद्यार्थियों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए।

राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने छात्राओं को रोजगारपरक एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न वोकेशनल पाठ्यक्रम प्रारंभ करने पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से ब्यूटीशियन, मेहंदी, जीएसटी, बिंदी निर्माण, अकाउंटेंसी तथा मिलेट आधारित व्यंजन निर्माण जैसे पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश दिए, जिससे छात्राएं स्वरोजगार एवं रोजगार प्राप्त करने में सक्षम बन सकें। उन्होंने कहा कि अन्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संचालित सफल कार्यक्रमों से प्रेरणा एवं मार्गदर्शन लेकर इन गतिविधियों को व्यापक रूप से लागू किया जाए।

कृषि विषय संचालित करने वाले महाविद्यालयों को निर्देशित करते हुए राज्यपाल ने ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी भूमि पर भी जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाए ताकि वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें तथा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें।

राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पढ़ने एवं गहराई से समझने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को विषय चयन की स्वतंत्रता दी जाए तथा मल्टी टास्क एवं बहुआयामी ज्ञान प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विद्यार्थियों को अपने मुख्य विषय के अतिरिक्त योग, पेंटिंग एवं अन्य कौशलों का भी ज्ञान होना चाहिए, जिससे रोजगार प्राप्त करने में उन्हें सुविधा मिले।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन से जोड़ने तथा तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न कंपनियों में जिन पदों की अधिक मांग है, उसी के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर विद्यार्थियों को शिक्षित किया जाए। उन्होंने विभिन्न विषयों पर नियमित वर्कशॉप आयोजित करने तथा अन्य महाविद्यालयों में संचालित विशेष ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को जोड़ने के निर्देश दिए।

जहां शिक्षकों की कमी है वहां ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य संचालित करने तथा अन्य संस्थानों से सहयोग लेने के निर्देश भी राज्यपाल जी द्वारा दिए गए। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए ताकि शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। साथ ही शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने पर भी बल दिया।

राज्यपाल ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों, पीएचसी, सीएचसी, हेल्थ सेंटरों एवं महाविद्यालयों सहित जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो वहां स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

राज्यपाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में ‘विलेज वैज्ञानिक कार्यक्रम’ संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से गांवों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं तकनीकी जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण युवाओं एवं विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, आत्मनिर्भरता एवं रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय

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