घुमंतू एवं वंचित समुदाय के पात्र लोगों की सूची तैयार कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए : आनंदीबेन पटेल

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घुमंतू एवं वंचित समुदाय के पात्र लोगों की सूची तैयार कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए : आनंदीबेन पटेल


-राज्यपाल ने घुमंतू जनजाति की महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया

-प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र के साथ हुनर में दक्षता जरूरी, तभी मिलेगा रोजगार और आजीविका का स्थायी आधार

लखनऊ, 07 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि घुमंतू एवं वंचित समुदाय के ऐसे लोगों की सूची तैयार की जाए, जिन्हें अभी तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। ग्राम प्रधान इस संबंध में पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं तथा सूची की एक प्रति राज्यपाल कार्यालय को भी भेजी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रयास जारी रखे जाएंगे।

यह बातें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर समरसता सेवा संस्थान एवं घुमंतू जनजाति परिषद की ओर से आयोजित सिलाई एवं कढ़ाई का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली घुमंतू जनजाति की महिलाओं के सम्मान में समारोह में कहीं।

इस अवसर पर सिलाई एवं कढ़ाई प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

राज्यपाल ने महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनके हुनर और रचनात्मकता की सराहना की।

कार्यक्रम में घुमंतू जनजाति परिषद एवं अन्य समुदायों द्वारा चयनित बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसकी राज्यपाल ने सराहना करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर महिलाओं को 10 सिलाई मशीनें भी प्रदान की गईं।

राज्यपाल ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन महिलाओं के हुनर और मेहनत को सम्मानित कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि हुनर और आत्मनिर्भरता महिलाओं को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि उन्हें जो भी हुनर सिखाया जाए, उसे पूरी लगन और मेहनत से सीखें तथा उसमें दक्षता हासिल करें।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से घुमंतू एवं वंचित समुदायों को कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा और आजीविका के साधन उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर कार्य किया जा रहा है। पात्र लोगों को भूमि के पट्टे, आवास तथा शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का उद्देश्य यही है कि देश के प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

उन्होंने घुमंतू समुदाय के लोगों से आह्वान किया कि वे ऐसे कम से कम 100 लोगों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं,जिन्हें किसी कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त करना है। ऐसे लोगों को विश्वविद्यालयों के माध्यम से उनकी रुचि एवं आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में समुदाय के लोगों को भी अपना सहयोग देना होगा। प्रशिक्षण के लिए नाम देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की प्रशिक्षण कार्यक्रम में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए पूरी लगन एवं मेहनत के साथ सीखना होगा, तभी प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा और सीखे गए हुनर को रोजगार एवं आजीविका का माध्यम बनाया जा सकेगा।

राज्यपाल ने उपस्थित बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे असामाजिक तत्वों से दूर रहें और अपने जीवन को सुरक्षित रखते हुए शिक्षा एवं अपने भविष्य पर ध्यान दें। उन्होंने बताया कि काशी जनपद के बालिका गृह में रहने वाली बेटियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर संस्थानों में रोजगार से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। राज्यपाल ने बताया कि दसवीं कक्षा उत्तीर्ण आदिवासी बेटियों को आगे की शिक्षा जारी रखने के लिए साइकिल उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि आवागमन की सुविधा के अभाव में उनकी पढ़ाई बाधित न हो।

समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और समानता की भावना को मजबूत करने की दिशा में निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रेरणा प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है,ताकि इन बच्चों को सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य का अवसर मिल सके।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विमुक्त, घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू समाज के कल्याण एवं उनकी समस्याओं के समाधान के लिए घुमंतू विकास बोर्ड का गठन किया गया है। यह बोर्ड मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कार्य करेगा तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जातियों की समस्याओं के समाधान,उनके विकास और कल्याण के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।

संस्थान के संस्थापक सुनील शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों पर प्रकाश डाला। रीना सिंह ने महिलाओं के उत्थान, उनके सशक्तिकरण एवं सामाजिक सहभागिता के विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य पवन कुमार सिंह, घुमंतू जनजाति परिषद, अवध प्रांत के संगठन मंत्री राजेश पांडेय, घुमंतू समुदाय के बड़ी संख्या में परिवारजन सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।---------

हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

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