पहली ही बारिश में बहा गोर्रा नदी का बाढ़ सुरक्षा कार्य, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
देवरिया, 13 जुलाई (हि.स.)। रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के नारायणपुर औराई गांव में गोर्रा नदी पर बने पुल के पास कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नदी कटान रोकने के उद्देश्य से बाढ़ खंड विभाग द्वारा कराया गया करीब 500 मीटर लंबा पिचिंग और बोल्डर कार्य पहली ही बरसात में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और पुल समेत आसपास के गांवों की सुरक्षा को लेकर सोमवार के दोपहर तक चिंता बढ़ गई है।
रविवार की दोपहर करीब तीन बजे गोर्रा नदी के तेज बहाव के दौरान सुरक्षा कार्य का एक हिस्सा बह गया। ग्रामीणों के अनुसार कई जगह पिचिंग टूटकर बिखर गई है और बोल्डर अपनी जगह से खिसक गए हैं। कुछ स्थानों पर पूरी संरचना धंसने की स्थिति में पहुंच गई है। लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो कटान का खतरा और गंभीर हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नदी कटान से बचाव के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर यह कार्य कराया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में इसकी गुणवत्ता की पोल खुल गई। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण सुरक्षा कार्य तेज बहाव का सामना नहीं कर सका। इससे पुल और आसपास के गांवों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
स्थानीय लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद यदि निर्माण में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो दोषी अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
इस संबंध में बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राधेश्याम ने साेमवार काे बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को मौके पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से का आकलन कर मरम्मत और आवश्यक सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि बरसात के मौसम में आसपास के गांवों और पुल की सुरक्षा बनी रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

