गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा अंजलि मिश्रा ने रचा इतिहास

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गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा अंजलि मिश्रा ने रचा इतिहास


गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा अंजलि मिश्रा ने रचा इतिहास


गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा अंजलि मिश्रा ने रचा इतिहास


गोरखपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर की प्रतिभाशाली छात्रा अंजलि मिश्रा ने अपनी अद्भुत कला से इतिहास रच दिया है। एम.ए. (एप्लाइड आर्ट्स) अंतिम वर्ष की छात्रा अंजलि ने एक सूखी गुड़हल (Hibiscus) की पत्ती पर मात्र एक टूथपिक की सहायता से केवल 4.43 मिनट में 3 सेंटीमीटर का सबसे छोटा ‘मंडला आर्ट’ उकेरकर अनोखा विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।

इस असाधारण उपलब्धि के लिए पहले उनका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ, और अब उन्हें ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा कला जगत के प्रतिष्ठित ‘ग्रैंड मास्टर’ (Grand Master) खिताब से सम्मानित किया गया है। अंजलि के लिए यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उनकी जीवन-पूंजी है। उन्होंने अपनी कला के लिए महंगे कैनवास के स्थान पर एक साधारण सूखी पत्ती को चुना, जो उनके पर्यावरण प्रेम और सृजनात्मक सोच को दर्शाता है।

उनका मुख्य उद्देश्य ‘सस्टेनेबिलिटी’ (Sustainability) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। अंजलि का सपना है कि प्रकृति में उपलब्ध साधनों और कला के समन्वय से गाँव के लोग आत्मनिर्भर बनें और अपने जीवन में नई ऊँचाइयाँ हासिल करें।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने ललित कला एवं संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष एवं समस्त अध्यापकगण को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। यह सफलता न केवल एक छात्रा की उपलब्धि है, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय और समाज के लिए प्रेरणा है।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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