भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के भूखे हैं परमात्मा : शांतनु जी महाराज

WhatsApp Channel Join Now
भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के भूखे हैं परमात्मा : शांतनु जी महाराज


भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के भूखे हैं परमात्मा : शांतनु जी महाराज


भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के भूखे हैं परमात्मा : शांतनु जी महाराज


भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के भूखे हैं परमात्मा : शांतनु जी महाराज


भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के भूखे हैं परमात्मा : शांतनु जी महाराज


भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के भूखे हैं परमात्मा : शांतनु जी महाराज


जौनपुर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में नगर के बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के चौथे दिन शनिवार को कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने श्रीराम-जानकी विवाह सहित रामायण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। शिवधनुष भंग और माता सीता के भगवान श्रीराम को वरमाला पहनाने के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि परमात्मा भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के भूखे हैं। उन्हें भौतिक वैभव की नहीं, बल्कि निष्कपट भक्ति और सच्चे भाव की आवश्यकता है। भक्त और भगवान के बीच संबंध भाव का होता है। उन्होंने कहा कि धर्म केवल जानने की वस्तु नहीं, बल्कि उसे जीवन में धारण करना ही वास्तविक धर्म है। साधु-संतों का सम्मान और उनके बताए मार्ग पर चलने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

उन्होंने लंका में हनुमान जी के अपमान और स्वर्ण नगरी के दहन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जहां साधु-संतों का अनादर होता है, वहां विनाश निश्चित है। संत समाज को जीवन जीने की कला और सदाचार की सीख देते हैं। उन्होंने बड़ों का सम्मान करने की सीख देते हुए कहा कि बड़ों को प्रणाम करने से आयु, यश और कीर्ति बढ़ती है।

श्रीराम-जानकी विवाह प्रसंग में उन्होंने बताया कि राजा जनक द्वारा आयोजित स्वयंवर में अनेक राजा शिवधनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने में असफल रहे। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने धनुष उठाया, जो टूट गया। इसके बाद माता सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डाल दी। कथाव्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, विनम्रता और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है।

आचार्य शांतनु जी महाराज ने ज्ञान प्रकाश सिंह की सराहना करते हुए कहा कि वह जिस श्रद्धा और मनोयोग से श्रीरामकथा का आयोजन करा रहे हैं, उससे समाज में धार्मिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।

कथा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, पूर्व सांसद सीमा द्विवेदी, एमएलसी विनीत सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिंशू’, डॉ. आरएन त्रिपाठी, डॉ. अवधेश सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

766257 Articles

Share this story