बहराइच में मंत्री अनिल राजभर का बड़ा बयान, गाजी की दरगाह का होना चाहिए एएसआई सर्वे

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बहराइच में मंत्री अनिल राजभर का बड़ा बयान, गाजी की दरगाह का होना चाहिए एएसआई सर्वे


मंत्री बोले, विदेशी आक्रांता का महिमामंडन कतई बर्दाश्त नहीं

बहराइच, 07 जून (हि.स.)। एक दिवसीय दौरे पर बहराइच पहुंचे उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने एक बार फिर सालार मसऊद गाजी की दरगाह में एएसआई सर्वे कराने की बात कही है। काबीना मंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे बात करने को भी कहा है। मंत्री ने कहा कि देश की पावन माटी पर किसी भी विदेशी आक्रांता का महिमामंडन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रम मंत्री के इस बयान के बाद जनपद का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है।

शहर के चित्तौरा स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पहुंचे प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर आज 'हर घर भगवा अभियान' के विशेष कार्यक्रम में शामिल होने बहराइच आए थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से भी वार्ता की। मंत्री ने कहा कि आज वे 'हर घर भगवा अभियान, कमल निशान' कार्यक्रम को धार देने आए हैं। मंत्री ने कहा कि यह भव्य स्मारक इसीलिए बनाया गया है ताकि समय-समय पर राष्ट्रभक्त लोगों का यहाँ आना-जाना लगातार बना रहे। उन्होंने तर्क दिया कि जितने ज्यादा से ज्यादा लोग यहां आएंगे, उतनी ही नई पीढ़ी में महाराजा सुहेलदेव जी के गौरवशाली इतिहास को जानने की जिज्ञासा पैदा होगी। उनके बारे में सही जानकारी मिलने से ही सरकार द्वारा इस स्मारक को बनाने का उद्देश्य चरितार्थ और सार्थक साबित होगा।

मंत्री अनिल राजभर ने स्मारक के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि उनके आकलन के हिसाब से अभी यहाँ केवल 70 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। स्मारक के संपूर्ण विकास के लिए अभी भी करीब 30 प्रतिशत निर्माण कार्य होना बाकी है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा।

इस दौरान उन्होंने एआईएमआईएम नेता शौकत अली के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह की अनर्गल बातें करने वालों को अपनी 10 पीढ़ी पुराना इतिहास देखना चाहिए। मंत्री ने आरोप लगाया कि आज देश के एक महान राष्ट्रनायक को एक संकुचित जातीय सीमा में बांधने की नाकाम कोशिश एमआईएम के नेता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति के नहीं बल्कि पूरे देश की धरोहर होते हैं और पूरे राष्ट्र को उनका आदर करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो लोग खुद फर्जी चोला ओढ़े हुए हैं, वे महाराजा सुहेलदेव की जाति पूछकर अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दे रहे हैं जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए वो कम है। दरगाह परिसर में प्राचीन सूर्यकुंड होने के दावे और उसके एएसआई सर्वे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार इस पर बहुत गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकारें जब-जब उत्तर प्रदेश में बनीं, उन्होंने केवल गाजी की मजार को सजाने और तुष्टिकरण का काम किया। सपा ने कभी भी इस माटी के सच्चे सपूत और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए लड़ने वाले महाराजा सुहेलदेव जी को वो सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे।

हिन्दुस्थान समाचार / ANURAG GUPTA

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