तकनीकी शिक्षा को नई उड़ान, ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर का शुभारंभ

WhatsApp Channel Join Now
तकनीकी शिक्षा को नई उड़ान, ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर का शुभारंभ


लखनऊ, 17 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सहयोग से राज्य के युवाओं को भविष्य की तकनीकों एवं हरित अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 1 एम 1 बी (वन मिलियन फॉर वन बिलियन) फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट तथा MeitY स्टार्टअप हब के संयुक्त सहयोग से लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में उत्तर प्रदेश के पहले ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर शुक्रवार काे उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उन्हें रोजगारोन्मुख बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एप्लाइड एआई एवं ग्रीन स्किल्स सेंटर युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाएगा तथा उत्तर प्रदेश को एआई आधारित नवाचार और हरित विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।

लखनऊ में स्थापित यह सेंटर देशभर में विकसित किए जा रहे पांच ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटरों में तीसरा है। इससे पहले बेंगलुरु और हैदराबाद में ऐसे केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि नोएडा एवं शिलांग में भी शीघ्र ही इनकी स्थापना की जाएगी। इन सभी केंद्रों के माध्यम से वर्ष 2030 तक एक लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने तथा 50 हजार से अधिक रोजगार, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पहले वर्ष में इस राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमें से 10 हजार युवाओं को रोजगार एवं करियर के अवसरों से जोड़ा जाएगा। वहीं लखनऊ स्थित केंद्र अकेले पहले वर्ष में ही 5,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि यह केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। वहीं माइक्रोसॉफ्ट की वरिष्ठ निदेशक (ऐलीवेट सीएसआर) मंजू धस्माना ने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश में एआई आधारित प्रतिभाओं के विकास के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जलवायु संबंधी चुनौतियों के समाधान विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय

Share this story