साईं साधराम साहेब के देहावसान से सिंधी समाज शोकाकुल
गोरखपुर, 19 मई (हि.स.)। संत सतरामधाम, रहड़की साहेब के परम पूज्य संत शिरोमणि हजूरी रूप साईं साधराम साहेब के नश्वर देह त्याग कर परमात्मा में विलीन होने का समाचार प्राप्त होते ही गोरखपुर का समस्त सिंधी समाज गहरे शोक में डूब गया। समाज ने इसे आध्यात्मिक जगत, मानव सेवा और सिंधी समाज की संत-परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
साईं साधराम साहेब केवल सिंधी समाज के पूज्य संत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेम, करुणा, सेवा, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना के जीवंत प्रतीक थे। उनकी अमृतमयी वाणी, दिव्य आशीर्वाद और तपस्वी जीवन ने असंख्य श्रद्धालुओं को सत्य, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर सिंधी समाज गोरखपुर के महामंत्री श्री देवा केशवानी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “साईं साधराम साहेब का जाना केवल एक संत का देहावसान नहीं, बल्कि करुणा, सेवा और आध्यात्मिक प्रकाश के एक विराट स्रोत का शांत हो जाना है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिखाया कि सच्चा धर्म मानव सेवा, प्रेम और सदाचार में ही निहित है। उनके उपदेश, आशीर्वाद और दिव्य स्मृतियां सदैव सिंधी समाज सहित संपूर्ण मानवता का मार्गदर्शन करती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि साईं जी के श्रीचरणों में अटूट आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह अत्यंत वेदनापूर्ण क्षण है। गोरखपुर का समस्त सिंधी समाज उनके पावन सान्निध्य, दिव्य विचारों और मानवता के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को सदैव श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ स्मरण करता रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

