प्रयागराज में देश के ट्रिपल आईटी के निदेशकों का होगा जमावड़ा

WhatsApp Channel Join Now
प्रयागराज में देश के ट्रिपल आईटी के निदेशकों का होगा जमावड़ा


--नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम मॉड्यूल ‘भारतीय ज्ञान परम्परा’ पर करेंगे मंथन

--शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सचिव अतुल कोठारी करेगें उद्घाटन

प्रयागराज, 24 अप्रैल (हि.स)। देश के विभिन्न भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों के निदेशक 25 एवं 26 अप्रैल को ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के झलवा परिसर में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परम्परा (Bharatiya Knowledge Treasure - BKT) को पाठ्यक्रम में समाहित करने हेतु नए कोर्स मॉड्यूल विकसित करने पर मंथन करेंगे।

ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने शुक्रवार को बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के सचिव डॉ. अतुल कोठारी मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में ट्रिपल आईटी ग्वालियर, जबलपुर, नया रायपुर, लखनऊ, भागलपुर, रांची, सोनीपत, पुणे तथा ऊना (हिमाचल प्रदेश) के निदेशक भाग लेंगे। “भारतीय ज्ञान परम्परा (BKT) का ट्रिपल आईटी पाठ्यक्रम में एकीकरण” विषयक यह संगोष्ठी ट्रिपल आईटी इलाहाबाद एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में प्रशासनिक सभागार, झलवा परिसर में शनिवार सुबह 9ः30 बजे से आयोजित की जाएगी।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आईआईटी हैदराबाद के निदेशक एवं ट्रिपल आईटी कुर्नूल के कार्यवाहक निदेशक प्रो. बी.एस. मूर्ति उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त एमएनएनआईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. आर.एस. वर्मा, आईआईटी कानपुर के ‘शिक्षा’ केंद्र से डॉ. अर्नब भट्टाचार्य, आईआईटी (बीएचयू) से डॉ. रुचिर गुप्ता, आईआईटी मंडी से डॉ. वेंकटेश एच. चेम्ब्रोलु, आर्यभट्ट कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) की डॉ. प्रीति जगवानी, डॉ. उपेंद्र त्रिपाठी, डॉ. कमल पांडेय, डॉ. एस.डी. पाठक तथा डॉ. रमेश भारद्वाज संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे।

कार्यक्रम के नोडल प्रभारी प्रो. सुतावने ने आगे बताया कि यह संगोष्ठी देश भर के प्रमुख शिक्षाविदों एवं नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाएगी, जहां सूचना प्रौद्योगिकी शिक्षा के समकालीन पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान प्रणाली के समावेशन पर व्यापक चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि 11 निदेशकों की भागीदारी इसे एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अकादमिक मंच बनाती है।

उन्होंने बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य बेसिक साइंसेज, मैटेरियल्स, गणित, भाषाएं, कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग तथा प्रबंधन जैसे विविध विषयों के पाठ्यक्रम स्तर पर ‘बीकेटी’ का संतुलित एवं प्रभावी समावेशन करना है।

प्रो. सुतावने ने कहा कि चर्चा का मुख्य फोकस राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यक्रम एवं क्रेडिट फ्रेमवर्क के अनुरूप तकनीकी पाठ्यक्रमों में बीकेटी के व्यावहारिक एकीकरण के मॉडल विकसित करना होगा। इससे तकनीकी शिक्षा को अधिक समग्र, संदर्भानुकूल और भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

संगोष्ठी के दौरान विषयगत सत्र, पैनल चर्चाएं एवं विचार विमर्श आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य आधुनिक तकनीकी शिक्षा में भारतीय ज्ञान प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप समाहित करने के लिए ठोस नीतियां तैयार करना है। इस संगोष्ठी के निष्कर्ष देश भर के ट्रिपल आईटी तथा अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थानों के पाठ्यक्रम विकास एवं नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने की अपेक्षा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

Share this story