खतरे के निशान से 5 सेमी ऊपर पहुंचा गंगा नदी का जलस्तर,डीएम एसपी ने लिया जायजा

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खतरे के निशान से 5 सेमी ऊपर पहुंचा गंगा नदी का जलस्तर,डीएम एसपी ने लिया जायजा


फर्रुखाबाद,8 सितंबर (हि.स.)।गंगा नदी का जल स्तर मंगलवार को खतरे के निशान से 5 सेमी ऊपर पहुंच गया है, जिससे गंगापार क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने मंगलवार को संयुक्त रूप से तहसील कायमगंज के विकासखण्ड शमसाबाद अंतर्गत ग्राम समेचीपुर चितार तथा शमसाबाद अनाज मंडी में संचालित बाढ़ शरणालय स्थल का निरीक्षण कर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया गया।

ग्राम समेचीपुर चितार में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बाढ़ की इस आपदा की घड़ी में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता के लिए पूर्ण रूप से तत्पर है। उन्होंने ग्रामवासियों से अपील की कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए अपनी एवं अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा प्रशासन द्वारा बनाए गए बाढ़ शरणालय स्थलों में पहुंचकर सुरक्षित स्थान पर रहें।

जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के पश्चात प्रभावित परिवारों को पट्टे की भूमि के आवंटन की कार्यवाही प्रशासन द्वारा की जा रही है, ताकि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं स्थायी आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।

इसके पश्चात जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने शमसाबाद अनाज मंडी में संचालित बाढ़ शरणालय स्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने शरणालय में रह रहे लोगों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सहित उपस्थित अन्य अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे बच्चों को फल एवं बिस्किट वितरित किए। जिलाधिकारी ने बाढ़ शरणालय में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शिक्षक बच्चों को नियमित पढ़ाई कराने के साथ-साथ उनके शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास से संबंधित अन्य गतिविधियां भी कराएं, जिससे विषम परिस्थितियों में भी बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।

गर्मी के प्रभाव को देखते हुए जिलाधिकारी ने शरणालय में उपलब्ध राहत एवं आवश्यक संसाधनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शरणालय में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने बाढ़ शरणालय में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए चलित शौचालय की स्थापना कराने तथा उसकी नियमित साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में स्वच्छता, पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक बाढ़ प्रभावित व्यक्ति की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करना है।

बताते चले कि गंगा नदी के जल स्तर का खतरा 137.10 पर है। मंगल वार को 137.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर

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