यूपी और यामानाशी के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
विधानसभा स्तर पर पहली बार संस्थागत सहयोग की दिशा में बड़ा कदम, सूचना आदान-प्रदान, प्रतिनिधिमंडल दौरों और शिक्षा-कृषि से पर्यटन तक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने किया विधानसभा परिसर का भ्रमण, सदन की कार्यप्रणाली, भूमिका तथा ऐतिहासिक एवं लोकतांत्रिक विरासत की दी गई जानकारी
लखनऊ, 21 अगस्त। उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच मैत्रीपूर्ण एवं संस्थागत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यामानाशी प्रीफेक्चरल असेंबली ऑफ जापान और उत्तर प्रदेश विधानसभा के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते का उद्देश्य दोनों विधानसभाओं के बीच नियमित संवाद, आपसी समझ और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने जापान के यामानाशी प्रीफेक्चरल असेंबली के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। जापानी प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा परिसर का भ्रमण कराया गया और सदन की कार्यप्रणाली, उसकी भूमिका तथा ऐतिहासिक एवं लोकतांत्रिक विरासत की जानकारी दी गई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को स्मृति चिह्न भेंट कर मित्रता और सद्भाव का संदेश दिया।
एमओयू पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना और यामानाशी प्रीफेक्चरल असेंबली के चेयरमैन हिदेनोरी मियामोतो (Hidenori Miyamoto) ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत दोनों पक्षों ने उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को विकसित करने तथा दोनों क्षेत्रों के बीच करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
प्रतिनिधिमंडलों के दौरों और सूचना आदान-प्रदान को बढ़ावा
एमओयू के तहत दोनों विधानसभाओं के बीच म्युचुअल विजिट्स, इनफॉर्मेशन एक्सचेंज और एक्सचेंज एक्टिविटीज को प्रोत्साहित किया जाएगा। दोनों पक्ष अपनी कार्यप्रणाली, प्रक्रियाओं और अनुभवों को साझा करेंगे। प्रतिनिधिमंडलों के पारस्परिक दौरों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद बढ़ाने और दोनों क्षेत्रों की बेहतर समझ विकसित करने पर जोर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और विधानसभा की भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से विकसित हो रहा प्रदेश है और यहां दोनों राज्यों के बीच सहयोग एवं साझेदारी की व्यापक संभावनाएं हैं।
काशी से बौद्ध सर्किट तक साझा होंगे सांस्कृतिक संबंध
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी उल्लेख किया गया। दुनिया के प्राचीन जीवंत शहरों में शामिल काशी तथा उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट की विशेषताओं के बारे में जापानी प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी गई। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक एवं जनसंपर्क को और मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
अर्थव्यवस्था, पर्यटन, कृषि और शिक्षा में सहयोग
एमओयू में अर्थव्यवस्था, पर्यटन, कृषि, शिक्षा और मानव संसाधन विकास सहित आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग एवं आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। दोनों पक्ष आवश्यकता के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे। एक्सचेंज प्रोग्राम और कोऑपरेटिव प्रोजेक्ट्स के माध्यम से तकनीक, ज्ञान और कौशल के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
भारत-जापान संबंधों को राज्य स्तर पर मिलेगा संस्थागत आधार
उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच यह समझौता व्यापक भारत-जापान संबंधों को राज्य और प्रांतीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, औद्योगिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विधानसभा स्तर पर संवाद और प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान से निवेश, कौशल विकास, शिक्षा, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।
एमओयू दोनों विधानसभाओं के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान और सहयोग की प्रतिबद्धता को व्यक्त करता है। इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाले विभिन्न आदान-प्रदान और संयुक्त गतिविधियों के लिए आधार तैयार करना है। समझौते के प्रभावी होने के साथ दोनों पक्षों के बीच पीपुल टू पीपुल कॉन्टेक्ट, इंस्टीट्यूशनल डायलॉग और सेक्टोरल कोऑपरेशन को नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है।

