निःशुल्क कंप्यूटर योजना से आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को मिल रहा लाभ

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निःशुल्क कंप्यूटर योजना से आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को मिल रहा लाभ


लखनऊ, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में ओबीसी वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर युवक-युवतियों के लिए चलाई जा रही निःशुल्क ओ-लेवल और सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना इस वर्ष युवाओं की पहली पसंद बन गई है। इसके लिए रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए 70 हजार से ज्यादा आवेदन आये हैं, जिसमें सबसे अधिक ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं।

11 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने सीसीसी के लिए आवेदन किया

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह योजना अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर युवक-युवतियों को पूरी तरह निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण उपलब्ध कराती है। इस वर्ष सबसे अधिक 58,984 आवेदन ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए प्राप्त हुए हैं, जबकि 11,620 अभ्यर्थियों ने सीसीसी कोर्स के लिए आवेदन किया है। कुल 70,604 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह इस बात का प्रमाण हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा इस अवसर का भरपूर लाभ उठाना चाहते हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को मिल रहा लाभ

योजना का लाभ उन ओबीसी अभ्यर्थियों को दिया जाता है, जिन्होंने इंटरमीडिएट या उससे अधिक की शिक्षा प्राप्त की हो। साथ ही अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद युवाओं तक पहुंचे। चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 1 अगस्त 2026 से शुरू होगा।

मान्यता प्राप्त संस्थानों में दिया जा रहा प्रशिक्षण

प्रशिक्षण भारत सरकार के नाइलिट से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जाता है। प्रदेश में वर्तमान समय में 338 प्रशिक्षण संस्थानों का नेटवर्क इस योजना से जुड़ा हुआ है। इनमें 63 संस्थान केवल ओ-लेवल, 39 केवल सीसीसी तथा 236 संस्थान दोनों पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में युवाओं को अपने नजदीक ही प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15 हजार रुपये और सीसीसी के लिए 3,500 रुपये तक का भुगतान सरकार करती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को बिना किसी आर्थिक बोझ के रोजगारोन्मुख कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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