खजुहा गांव में अग्नितांडव: चार घर जलकर राख, लाखों की नकदी व अनाज नष्ट

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खजुहा गांव में अग्नितांडव: चार घर जलकर राख, लाखों की नकदी व अनाज नष्ट


खजुहा गांव में अग्नितांडव: चार घर जलकर राख, लाखों की नकदी व अनाज नष्ट


बड़ी लापरवाही: मौके पर नहीं पहुंचे लेखपाल, मुंशी से कराया नुकसान का आंकलन; ग्रामीणों में भारी रोष

लखीमपुर खीरी, 18 अप्रैल (हि.स.)।ईसानगर क्षेत्र के खजुहा गांव में शनिवार दोपहर अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस दैवीय आपदा में चार परिवारों की जीवन भर की पूंजी और गृहस्थ की सामग्री चंद मिनटों में खाक हो गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है, वहीं क्षेत्रीय लेखपाल की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है।

शनिवार दोपहर जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने रामप्यारी, कैलाश, कौशल्या और पूनम देवी के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला।

अग्निकांड में सबसे अधिक चोट पूनम देवी को पहुंची है। उनके घर में रखा करीब 22 कुंतल अनाज (मसूर, सरसों, धान व गेहूं) जलकर राख हो गया। हृदयविदारक बात यह रही कि पूनम ने हाल ही में भैंसा बेचकर 80 हजार रुपये नकद रखे थे, जो आग की भेंट चढ़ गए। इसके अलावा रामप्यारी के 6 हजार और कौशल्या के 3 हजार रुपये समेत पूरी गृहस्थी स्वाहा हो गई।

पुलिस ने संभाली कमान, फायर ब्रिगेड पर उठे सवाल

सूचना मिलते ही ईसानगर थानाध्यक्ष निर्मल तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से निजी पंपसेट चलवाकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी काफी देर से पहुंची और महज औपचारिकता निभाकर चली गई।

चर्चा का विषय बनी लेखपाल की गैरमौजूदगी

घटना के बाद जहां पीड़ितों को ढांढस बंधाने के लिए अधिकारियों की जरूरत थी, वहीं हल्का लेखपाल विनोद भार्गव की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल स्वयं मौके पर आने के बजाय अपने निजी मुंशी मोहन को भेजकर नुकसान का आंकलन करवाकर पल्ला झाड़ लिया।

लेखपाल का खुद न आना पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। प्रशासन से मांग है कि नुकसान का सही सर्वे कराया जाए और पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / देवनन्दन श्रीवास्तव

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