80 घंटे बाद पूर्व मंत्री की पत्नी का पोस्टमार्टम, सुलझी मौत की गुत्थी

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80 घंटे बाद पूर्व मंत्री की पत्नी का पोस्टमार्टम, सुलझी मौत की गुत्थी


दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किया पोस्टमार्टम

बांदा, 07 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव निवासी पूर्व मंत्री डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुसुमा देवी (80) की मौत के मामले में करीब 80 घंटे बाद बुधवार को पोस्टमार्टम हो सका। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सेप्टीसीमिया बीमारी से मौत होने की पुष्टि हुई है। इससे परिजनों की ओर से सदमे के कारण मौत की जताई जा रही आशंका पर विराम लग गया।

कुसुमा देवी की शनिवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। उनके पुत्र और दोहरे हत्याकांड के आरोपी सपा नेता महेंद्र पाल वर्मा ने कुछ लोगों द्वारा धमकी दिए जाने से सदमे में मां की मौत होने का आरोप लगाया था। परिजन शव का पोस्टमार्टम लखनऊ में कराने की मांग कर रहे थे और स्थानीय प्रशासन पर भरोसा नहीं होने की बात कहते हुए शव को लखनऊ ले जाने की तैयारी में थे। पुलिस ने शव को रोककर पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को समझाया था।

इसके बाद पुलिस शव को बांदा पोस्टमार्टम हाउस ले आई और फ्रीजर में रखवा दिया। पुलिस लगातार परिजनों को पंचायतनामा के लिए बुलाती रही, लेकिन कई दिनों तक कोई परिजन नहीं पहुंचा। इसके चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस दिनभर पोस्टमार्टम हाउस में इंतजार करती और शाम को वापस लौट जाती थी।

बुधवार को महेंद्र पाल वर्मा के पुत्र एवं ग्राम प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा के बांदा पहुंचने के बाद पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डॉ. रामेंद्र कुमार और डॉ. देवेंद्र कुमार के दो सदस्यीय पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में सेप्टीसीमिया बीमारी से मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद शव परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री के जनता दरबार पहुंचा था नाती

बताया गया कि दोहरे हत्याकांड में आरोपी महेंद्र पाल वर्मा का पुत्र एवं ग्राम प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा बुधवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री के जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचा था। वह दोहरे हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने पहुंचा था। इसी दौरान लखनऊ पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर बांदा पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

देवेंद्र के बांदा पहुंचने के बाद ही उसकी दादी कुसुमा देवी के शव का पंचायतनामा कराया जा सका और करीब 80 घंटे से रुके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस के साथ परिजनों को भी मौत के कारण की स्थिति स्पष्ट हो गई।

पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। नरैनी कोतवाल और बांदा कोतवाल समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नरैनी प्रवीण कुमार ने बताया कि नाती देवेंद्र पाल वर्मा को लखनऊ पुलिस ने पकड़ कर बांदा पुलिस को सौंपा था। उसके आने के बाद ही कुसमा देवी के शव का चार दिन बाद पोस्टमार्टम हो पाया।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

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