पुलिस की मजूदगी में पांचवें दिन पूर्व मंत्री की पत्नी का हो पाया अंतिम संस्कार
बांदा, 08 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में पूर्व मंत्री डा. सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी कुसुमा देवी का गुरुवार को मौत के पांचवें दिन केन नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे उनके पौत्र देवेंद्र पाल ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य और रिश्तेदार मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तीन थानों की पुलिस के साथ दो सीओ और अपर पुलिस अधीक्षक भी मौके पर तैनात रहे।
कुसुमा देवी का शव करीब 84 घंटे तक मेडिकल कॉलेज की माॅर्चरी में रखा रहा। बुधवार को पंचनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद दो सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। इसके बाद भी पुलिस ने शव परिजनों को तत्काल नहीं सौंपा। पुलिस को आशंका थी कि शव मिलने के बाद परिजन धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी वजह से शव को पोस्टमार्टम के बाद भी फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया।
बताया गया कि पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान कुसुमा देवी के पौत्र देवेंद्र पाल पुलिस हिरासत में था। गुरुवार सुबह पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा। शव लेकर जाने के दौरान देवेंद्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उसकी हालत में सुधार होने के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारी की। दोपहर में पुलिस सुरक्षा के बीच शव को मुक्तिधाम ले जाया गया, जहां देवेंद्र ने दादी कुसुमा देवी को मुखाग्नि दी।
कुसुमा देवी की मौत से पहले उनके बेटे महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू का नाम नरैनी के नंदवारा गांव में दो मासूम भाइयों की मौत के मामले में सामने आया था। 30 सितंबर को कैमहाई पुरवा निवासी भइयाराम के छह वर्षीय बेटे मनोज और चार वर्षीय युवराज घर के बाहर खेलते समय लापता हो गए थे। उसी शाम दोनों के शव राधेश्याम की दुकान के पीछे पानी से भरे गड्ढे में मिले थे।
शुरुआत में दोनों बच्चों की डूबने से मौत की आशंका जताई गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम में सिर पर चोट के निशान मिलने और पेट में पानी नहीं पाए जाने के बाद मामला हत्या की ओर मुड़ गया। भइयाराम की तहरीर पर महेंद्र पाल वर्मा समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या और साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि चार नामजद आरोपितों की तलाश जारी है।
इसी मामले में महेंद्र पाल का नाम सामने आने के बाद उनकी मां कुसुमा देवी की तबीयत बिगड़ गई थी। शनिवार रात उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने 13 लोगों पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इन आरोपों की जांच की जा रही है।
कुसुमा देवी के शव के पोस्टमार्टम को लेकर भी पुलिस और परिजनों के बीच कई दिनों तक स्थिति तनावपूर्ण रही। सोमवार रात शव मेडिकल कॉलेज की मर्चरी पहुंचा था, लेकिन परिजनों के पंचनामा प्रक्रिया में शामिल न होने के कारण मंगलवार को कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में पुलिस ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय एसआईटी गठित की। बुधवार को पंचनामा पूरा होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़ों में पस पाए जाने तथा बीमारी के चलते मौत होने का उल्लेख किया गया है। गुरुवार को अंतिम संस्कार के दौरान नरैनी कोतवाली प्रभारी भास्कर मिश्रा, नगर कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह, सीओ नरैनी प्रवीण सिंह, सीओ सिटी सौरभ समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने पूर्व मंत्री की पत्नी का अंतिम संस्कार होने की पुष्टि की।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

