ईद उल अजह पर खुले में न करें कुर्बानी : सैयद अख्तर मियां चिश्ती

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ईद उल अजह पर खुले में न करें कुर्बानी : सैयद अख्तर मियां चिश्ती


ईद उल अजह पर खुले में न करें कुर्बानी : सैयद अख्तर मियां चिश्ती


औरैया, 22 मई (हि. स.)। ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर शुक्रवार को खानकाह आस्ताना आलिया उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में फफूंद शरीफ के सज्जादा नशीन सैयद अख्तर मियां चिश्ती ने लोगों से सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ कुर्बानी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुर्बानी इस्लाम की अहम निशानी होने के साथ सुन्नत-ए-इब्राहीमी और सुन्नत-ए-मुहम्मदी भी है, इसलिए इसका विशेष महत्व है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष ईदुल अजहा का पर्व 28 मई काे गुरुवार से शुरू होकर शुक्रवार और शनिवार तक मनाया जाएगा। ईदगाह में ईदुल अजहा की नमाज सुबह 6:30 बजे अदा की जाएगी, जबकि आस्ताना आलिया पर नमाज सुबह 7:30 बजे होगी। तीनों दिनों में कुर्बानी की जाएगी।

सैयद अख्तर मियां चिश्ती ने कहा कि कुर्बानी के दिनों में अल्लाह की राह में खुशी-खुशी खर्च करना और कुर्बानी करना सबसे बड़ा नेक अमल माना गया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के दौरान सरकार द्वारा जारी सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें, ताकि किसी भी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और सामाजिक सौहार्द बना रहे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, मैदानों और खुले इलाकों में कुर्बानी न की जाए, बल्कि चारदीवारी या आड़ वाली जगहों पर ही कुर्बानी करें। भीड़ इकट्ठा न होने दें और सामूहिक कुर्बानी से बचें।

सज्जादा नशीन ने कहा कि जानवर की कुर्बानी के बाद उसके अवशेषों को बस्ती से दूर उचित स्थान पर गड्ढा खोदकर दफन करे और कुर्बानी स्थल की तुरंत साफ-सफाई कराई जाए। साथ ही कुर्बानी का मांस खुले में न ले जाकर उसे अच्छी तरह ढककर ले जाए। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि कुर्बानी से जुड़े फोटो या वीडियो न बनाएं और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करें। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

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