नेत्र रोगों के आधुनिक इलाज और सर्जरी में नई तकनीकों के आदान-प्रदान पर जोर : डॉ. शरद बाजपेई

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नेत्र रोगों के आधुनिक इलाज और सर्जरी में नई तकनीकों के आदान-प्रदान पर जोर : डॉ. शरद बाजपेई


नेत्र रोगों के आधुनिक इलाज और सर्जरी में नई तकनीकों के आदान-प्रदान पर जोर : डॉ. शरद बाजपेई


कानपुर, 03 मई (हि.स.)। नेत्र रोग विशेषज्ञों के बीच आधुनिक तकनीकों और उपचार पद्धतियों का आदान-प्रदान जरूरी है। नई सर्जिकल तकनीकों से जटिल बीमारियों का बेहतर इलाज संभव हो रहा है। सर्जिकल वीडियो के माध्यम से स्किल ट्रांसफर से चिकित्सकों की दक्षता बढ़ेगी। देशभर के विशेषज्ञों के साथ अनुभव साझा करने से इलाज की गुणवत्ता में सुधार आएगा। ऐसी कॉन्फ्रेंस चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा देने का काम करती हैं। यह बातें रविवार को वरिष्ठ नेत्र राेग विशेषज्ञ डॉ. शरद बाजपेई ने कही।

कनिका अस्पताल और कानपुर ऑप्थाल्मिक सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में कनिकाकॉन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर के प्रख्यात नेत्र विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और नेत्र रोगों के आधुनिक उपचार पर विस्तार से चर्चा की।

कॉन्फ्रेंस में नई तकनीकों के माध्यम से ऑपरेशन, जटिल बीमारियों के उपचार और सर्जिकल प्रक्रियाओं को लेकर विशेष सत्र आयोजित किए गए। सर्जिकल वीडियो के जरिए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य चिकित्सकों को नई तकनीकों की जानकारी मिली और कौशल विकास को बढ़ावा मिला।

कार्यक्रम के चेयरपर्सन डॉ. शरद बाजपेई ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य नेत्र रोग विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करना है, ताकि मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार मिल सके।

कॉन्फ्रेंस में अहमदाबाद से डॉ. तेजस डी शाह, मुंबई से डॉ. कुमार जे डॉक्टर और डॉ. सचिन धरवाडकर, बिदर से डॉ. दीपक मेगुर, चेन्नई से आनंद पार्थसारथी और अलीगढ़ से डॉ. अनुपम आहूजा सहित कई विशेषज्ञों ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने जटिल सर्जरी और उनके प्रभावी उपचार के तरीकों पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का उद्घाटन छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. विनय पाठक और एम्स नई दिल्ली के आर.पी. सेंटर की प्रोफेसर डॉ. नम्रता शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर सुधीर अवस्थी और मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन प्रोफेसर डॉ. आर.सी. गुप्ता भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सचिव डॉ. मोहित खत्री ने मोतियाबिंद ऑपरेशन की जटिलताओं और उनके समाधान पर प्रकाश डाला। वहीं कानपुर ऑप्थाल्मिक सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. संगीता शुक्ला ने कार्यशाला के माध्यम से स्किल ट्रांसफर की सराहना की।

कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में नेत्र रोग विशेषज्ञ और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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