अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एआई और नवाचार पर जोर : प्रो. विवेक द्विवेदी
कानपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय से शोध और शिक्षण उत्कृष्टता को नई दिशा मिलेगी। ऐसे आयोजन नवाचार को बढ़ावा देने के साथ छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर मंच प्रदान करते हैं। भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एआई आधारित अनुसंधान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह बातें बुधवार को प्रो. विवेक द्विवेदी ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न विषयों में समानांतर मुख्य वक्ता सत्र आयोजित किए गए। इनमें भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, कंप्यूटर अनुप्रयोग, पर्यावरण विज्ञान सहित अन्य विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन में आईआईटी इंदौर, आईआईटी बॉम्बे, अमेरिका के टार्लेटन स्टेट यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न डेनमार्क, यूनिवर्सिटी ऑफ स्वीडन, डीआरडीओ, एनआईटी पटना, आईआईटी कानपुर, जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के वक्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने नैनो प्रौद्योगिकी, एआई आधारित नवाचार, क्वांटम कंप्यूटिंग, सतत सामग्री और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान एआई आधारित नवाचारों पर विशेष बल दिया गया। प्रस्तुतियों में उन्नत सामग्रियों में एआई की संभावनाएं, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर-फिजिकल सिस्टम्स में एआई संचालित आर्किटेक्चर, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एआई के बहुविषयक उपयोग तथा जल शुद्धिकरण के लिए नैनो सामग्रियों की एआई आधारित निगरानी जैसे विषय प्रमुख रहे।
दिनभर आयोजित मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों ने शोधार्थियों और युवा वैज्ञानिकों को अपने कार्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया। सम्मेलन की बहुविषयक प्रकृति ने ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया और भविष्य के सहयोग की संभावनाओं को मजबूत किया।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. विवेक द्विवेदी ने विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं प्रो. आर. के. द्विवेदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षण को प्रभावी बना सकता है, लेकिन एक शिक्षक का उद्देश्य प्रेरणादायक होना चाहिए और छात्र जीवनभर अच्छे शिक्षकों को याद रखते हैं।
इस अवसर पर श्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार संध्या सोनी, अर्श रहमान और प्रमोद कुमार को प्रदान किए गए। सम्मेलन का समापन संयोजक डॉ. अंजु दीक्षित द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें डीआरडीओ के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

