प्रदेश में 2.80 लाख से अधिक व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस प्रमाणन जारी : दयाशंकर सिंह
लखनऊ, 26 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश में संचालित 35 क्रियाशील स्वचालित परीक्षण स्टेशनों के माध्यम से 19 जून, 2025 तक कुल 2,80,779 व्यवसायिक वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) का मुख्य उद्देश्य वाहन फिटनेस जांच प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम करते हुए मशीनों एवं सेंसर आधारित परीक्षण प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। इससे वाहन मालिकों को आधुनिक तकनीक की सहायता से तेज़, सटीक एवं समयबद्ध फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
परिवहन राज्य मंत्री ने कहा कि एटीएस व्यवस्था सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। केवल तकनीकी रूप से फिट वाहनों को ही सड़क पर संचालन की अनुमति दिए जाने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिल रही है।उन्होंने बताया कि सभी वाहनों का परीक्षण केन्द्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाता है, जिससे प्रत्येक वाहन की जांच समान मानकों पर सुनिश्चित होती है।
सिंह ने कहा कि एटीएस प्रणाली में डिजिटल रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी निगरानी एवं ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं के कारण लापरवाही, पक्षपात एवं भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर प्रभावी रोक लगी है तथा पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनी है।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी राज्य नीति के अंतर्गत स्वीकृत 79 प्रारम्भिक रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र (पीआरसी) के सापेक्ष वर्तमान में प्रदेश के 27 जनपदों में 35 स्वचालित परीक्षण स्टेशन एएफएमएस पोर्टल पर लाइव किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से परिवहन वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह मशीन आधारित प्रणाली से की जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

