फाइलेरिया संक्रमण चेक करने को होगी हर भर्ती रोगी की जांच

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लखनऊ, 01 सितंबर (हि.स.)। फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति चेक करने के लिए अब प्रदेश के सभी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की रात्रिकालीन खून का नमूना लेकर जांच की जाएगी। यह व्यवस्था सभी एंडेमिक व नान एंडेमिक जिलों में लागू रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने यह बड़ा फैसला छिपे संक्रमण की पहचान कर फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को गति प्रदान करने के लिए किया है।

प्रदेश में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अपने अंतिम दौर में है। कभी 51 जिलों के 782 ब्लाक में फैली यह बीमारी अब सिमट रही है और इस बार संभवतः 16 जिलों के 54 ब्लाॅक के ही सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान में जाने की संभावना है। विभाग की ओर से लगातार चलाए गए एमडीए अभियान, उसके बाद ट्रांसमिशन एसेसमेंट सर्वे (टास) व नाइट ब्लड सर्वे से संक्रमण में कमी पाई गई है।

इसी के मद्देनजर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ पवन कुमार अरुण ने सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को अपने संस्थान में भर्ती प्रत्येक मरीज का रात्रिकालीन रक्त सेंपल लेकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच में पाजिटिव पाए गए रोगियों की लाइन लिस्ट यूडीएसपी पोर्टल पर अपलोड करने की भी हिदायत दी है। इसके अलावा महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने प्रदेश के सभी सरकारी व निजी मेडिकल कालेजों तथा उनसे संबद्ध चिकित्सालयों में रात्रिकालीन जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं।

राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ एके चौधरी ने जारी बयान में कहा कि विभाग का यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा। इससे हम माइक्रोफाइलेरिया का फैलाव जानने में सफल होंगे और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सफलता दर्ज करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी व निजी मेडिकल कालेजों का ओरिएंटेशन भी किया जा चुका है। इस सत्र में समस्त मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन एवं प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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