उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मांगों को लेकर दिया धरना, 17 अक्टूबर तक कार्रवाई न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी
फर्रुखाबाद, 03 अक्टूबर (हि.स.)। वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से कार्रवाई न होने से नाराज उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। संघ की अमृतपुर तहसील इकाई ने शनिवार को धरना देकर मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय मांगपत्र उपजिलाधिकारी श्वेता साहू को सौंपा।
तहसील अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह और मंत्री पवन कुमार यादव ने कहा कि लेखपाल बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, वेतन विसंगति और अवकाश के दिनों में काम के दबाव से परेशान हैं। संघ ने चेतावनी दी कि 17 अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई या शासनादेश जारी नहीं हुआ तो प्रदेशभर के लेखपाल चरणबद्ध तरीके से कार्य बहिष्कार करेंगे।
संघ की प्रमुख मांगों में लेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान लेवल-05 में 2800 ग्रेड पे करना, अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करना, लंबित पदोन्नति सूची जारी करना और नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करना शामिल है। इसके अलावा स्टेशनरी, वाहन और विशेष भत्ते बढ़ाने, संबद्ध लेखपालों को मूल तैनाती पर भेजने तथा ग्राम सचिवालयों में कक्ष, फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
लेखपालों ने ऑनलाइन कार्य को देखते हुए पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल जैसे संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग की। संघ ने अयोध्या के सोहावल तहसील में 20 अगस्त को लेखपाल उत्कर्षदीप के साथ एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई का भी विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री से मामले में संज्ञान लेने का अनुरोध किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर

