भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा पत्र, पीएमओ घेराव की दी चेतावनी

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भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा पत्र, पीएमओ घेराव की दी चेतावनी


भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा पत्र, पीएमओ घेराव की दी चेतावनी


जौनपुर,10 सितंबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के निर्माण और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर लंबित मुआवजा ब्याज समेत दिलाने और अधूरे व जर्जर मार्ग पर टोल वसूली बंद कराने की मांग की। पूर्वांचल किसान यूनियन के अध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने चेतावनी दी कि 20 सितंबर तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 30 सितंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय वाराणसी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के रीजनल कार्यालय के घेराव व विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-233 (वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग) के निर्माण एवं भूमि अधिग्रहण से केराकत तहसील के करीब चार हजार किसान पिछले 14 वर्षों से मुआवजे और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके अनुसार एनएचएआई द्वारा करीब 150 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन कई किसानों को अभी तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है और वर्ष 2012 से देय ब्याज का भी भुगतान लंबित है।

किसानों का आरोप है कि मार्ग का निर्माण पूरा नहीं होने के बावजूद पुरानी, संकरी और जर्जर सड़क पर टोल वसूली शुरू कर दी गई है। इससे भारी वाहनों के आवागमन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने ढेरही टोल प्लाजा की वसूली तत्काल बंद कराने तथा अधूरे मार्ग पर सुरक्षा और आवश्यक नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग की।

किसानों ने लंबित निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा कराने और सड़क दुर्घटनाओं में मृत लोगों के परिवारों को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि करीब दो वर्ष पूर्व जिला प्रशासन, एनएचएआई अधिकारियों और किसानों के बीच हुई बैठकों में टोल वसूली बंद करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में इसे फिर शुरू कर दिया गया। किसानों ने कहा कि 20 सितंबर तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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