श्रावस्ती: तेज आंधी-बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, मुआवजे की मांग
श्रावस्ती, 29 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद श्रावस्ती में तीन दिन पूर्व आई प्राकृतिक आपदा ने सैकड़ों गांव के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज आंधी और बारिश के चलते खेतों में खड़ी तैयार धान की फसल जमीन पर गिर गई। खेतों में चारों तरफ फसल गिरने से किसानों के सामने उसे समेटने और सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल गिरने से दाने हल्के पड़ने के साथ ही पैदावार में भी काफी कमी आने की आशंका है। जिस ओर नजर दौड़ाई जा रही है, उसी ओर खेतों में धान की फसल जमीन पर गिरी दिखाई दे रही है।
किसान रामकिशन, ननकऊ, सुमिरन और बरसाती समेत अन्य किसानों ने बताया कि इस बार मौसम ने अब तक साथ दिया था। बारिश अच्छी होने के कारण सिंचाई पर होने वाला खर्च भी बच गया था और धान की फसल तैयार होकर कटाई के करीब पहुंच गई थी। लेकिन अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
किसानों ने शासन-प्रशासन से प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन कराने तथा उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि मुआवजे से फसल की पूरी भरपाई तो संभव नहीं होगी, लेकिन इससे उन्हें कुछ आर्थिक सहारा जरूर मिल सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

