संदिग्ध परिस्थितियों में किसान की मौत, परिजनों ने जताया सदमे का अंदेशा

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बांदा, 21 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी क्षेत्र में एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि कटी हुई गेहूं की फसल के बर्बाद होने की चिंता और कर्ज के बोझ से परेशान किसान की मौत सदमे के कारण हुई, जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के मोतियारी गांव निवासी उद्र प्रताप यादव (49) उर्फ डब्लू, पुत्र होरीलाल, सीमित जमीन वाले किसान थे। वह अपनी एक बीघा जमीन के अलावा गांव के अन्य लोगों की जमीन बटाई पर लेकर खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बताया गया कि उनकी करीब आठ से दस बीघा गेहूं की कटी फसल खेत में पड़ी थी। शुक्रवार देर रात हुई तेज बारिश से फसल खराब होने की आशंका को लेकर वह बेहद चिंतित थे।

परिजनों के मुताबिक, रात में उन्होंने पत्नी से फसल खराब होने की आशंका जताई थी और उसी चिंता में सो गए। शनिवार सुबह काफी देर तक न उठने पर परिवार वालों ने उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक के बड़े भाई रामबरन ने बताया कि उद्र प्रताप बेटी की शादी के लिए रिश्तेदारों और गांव के लोगों से करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज लिए थे। कर्ज न चुका पाने और खेती की अनिश्चितता के कारण वह काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे दीपक (14) और अर्जुन (9) हैं, जबकि उनकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है।

उधर, कुछ लोगों ने आशंका जताई कि शुक्रवार देर रात तेज बारिश के दौरान खेत पर मौजूद रहने के कारण किसान बिजली की चपेट में भी आ सकता है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संदीप तिवारी ने शनिवार बताया कि परिजनों की तहरीर पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिससे मौत का सही कारण सामने आएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

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