विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान श्रृंखला शुरू : प्रो. संदीप कुमार सिंह
कानपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। समाज कार्य के विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव और सामाजिक चुनौतियों की भी समझ विकसित करनी चाहिए। यह बातें गुरुवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के डीन प्रो. संदीप कुमार सिंह ने विशेषज्ञ व्याख्यान श्रृंखला के शुभारंभ के अवसर पर कहीं।
(सीएसजेएमयू) के समाज कार्य विभाग ने विद्यार्थियों को क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों से जोड़ने और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष व्याख्यान एवं कार्यशाला श्रृंखला की शुरुआत की है। इसके तहत उद्योग जगत, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), सामुदायिक आधारित संगठनों (सीबीओ) तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) क्षेत्र के विशेषज्ञ समय-समय पर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
श्रृंखला का पहला व्याख्यान सामाजिक विकास में एकरूपता का मिथक विषय पर आयोजित हुआ। इसमें देहरादून स्थित साहस फाउंडेशन के संस्थापक एवं सामाजिक उद्यमी शहाब नक़्वी ने दिव्यांगता से जुड़े सामाजिक मिथकों और चुनौतियों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि विशेष विद्यालयों में पढ़ने वाले कई दिव्यांग बच्चे मुख्यधारा के समाज से अलग-थलग पड़ जाते हैं, जिससे बाद में उन्हें सामाजिक समायोजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने भारतीय दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का उल्लेख करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में दिव्यांगजनों को केवल पारंपरिक कौशल सिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक और रोजगारपरक कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
विभाग के डॉ. सत्येन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि इस तरह की व्याख्यान श्रृंखला विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक सामाजिक परिस्थितियों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। वहीं, स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के निदेशक डॉ. अमित कुमार ने कहा कि विशेषज्ञों से सीधा संवाद विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और उन्हें व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेगा।
कार्यक्रम में डॉ. अजय प्रताप, डॉ. सत्य प्रकाश, डॉ. उर्वशी, सुश्री बुशरा सहित विभाग के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

