रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर काशी में उत्साह, पदयात्रा निकाली

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर काशी में उत्साह, पदयात्रा निकाली


—सामाजिक संगठन बोले—नया इतिहास रचेगी भारत रूस की दोस्ती,प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक सफलता

वाराणसी,03 दिसम्बर (हि.स.)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी उत्साह है। चार दिसंबर गुरूवार को दो दिवसीय दौरे पर आ रहे पुतिन के स्वागत में यहां लमही स्थित सुभाष भवन से मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार तक ‘भारत-रूस मैत्री मार्च’ निकाला गया। बुधवार को सामाजिक संगठन विशाल भारत संस्थान के बैनर तले निकले मार्च में भारत रूस सम्बन्ध जिन्दाबाद, भारत रूस की दोस्ती, दुनिया के लिए जरूरी आदि नारे लगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पोस्टर की आरती उतार कार्यकर्ताओं ने ढ़ोल नगाड़े भी बजाए।

पदयात्रा में शामिल संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राजीव ने बताया कि भारत और रूस स्वाभाविक मित्र हैं। दोनों एक दूसरे के दुख में हमेशा साथ खड़े रहते हैं। मोदी और पुतिन वैश्विक नेता हैं जो अन्य देशों के लोकतंत्र, सीमाओं और प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। रूस और भारत मिलकर ही दुनिया को शांति के रास्ते पर ले जाएंगे। रूस के राष्ट्रपति पुतिन का इस समय भारत आना वैश्विक परिवर्तन का संकेत है। समस्त भारतीयों की ओर से हम उनका स्वागत करते हैं। मोदी और पुतिन मिलकर दुनियां में नया इतिहास रचेंगे।

संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ अर्चना भारतवंशी ने कहा कि भारत और रूस के सम्बन्ध मजबूत होने से सबसे ज्यादा फायदा देश के युवाओं को होगा क्योंकि रूस की तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा हमारे देश के युवाओं को आगे बढ़ाने का काम करेगी और देश को सशक्त बनाएगी। डॉ नजमा परवीन ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि भारत रूस मैत्री सम्बन्ध मजबूत हो और विश्व में शांति स्थापना की पहल हो। पदयात्रा में सत्यम राय, ओम प्रकाश पटेल, सूरज राजभर, अनीश, चंदन, गुलाब चन्द, रमता, शिमला, ज्योति, मैना देवी, इली भारतवंशी, खुशी भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, दक्षिता भारतवंशी आदि ने भागीदारी की।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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