राजकीय पॉलिटेक्निक में बन रहा टाटा टेक्नोलॉजीज का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, तकनीकी शिक्षा को देगा नई दिशा : जिलाधिकारी

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राजकीय पॉलिटेक्निक में बन रहा टाटा टेक्नोलॉजीज का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, तकनीकी शिक्षा को देगा नई दिशा : जिलाधिकारी


कानपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। राजकीय पॉलिटेक्निक में स्थापित किया जा रहा टाटा टेक्नोलॉजीज का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास का अवसर देगा। यह बातें गुरुवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्माणाधीन परियोजना का निरीक्षण करते हुए कहीं।

गुरुदेव चौराहा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का गुरुवार को जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, निर्माण खंड कानपुर-01 के अधिशासी अभियंता फराज़ असलम ने बताया कि सात करोड़ छह लाख 75 हजार रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण 21 मई 2026 से शुरू हुआ है। इसे 20 मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम किश्त के रूप में तीन करोड़ तिरपन लाख सैंतीस हजार रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से अब तक छियासी लाख अड़तीस हजार रुपये खर्च किए गए हैं। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग पांच प्रतिशत है और फाउंडेशन तथा पेडेस्टल कास्टिंग का कार्य चल रहा है।

जी प्लस टू प्री-इंजीनियर्ड भवन के रूप में विकसित होने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आधुनिक प्रयोगशालाएं, तकनीकी वर्कशॉप, डिजिटल प्रशिक्षण कक्ष, वीसैट स्टूडियो, कौशल विकास के लिए विशेष लैब और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं रोजगारपरक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता और रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि राजकीय पॉलिटेक्निक पहले से ही प्रदेश के अग्रणी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शामिल है। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से स्थापित हो रहा यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संस्थान को नई पहचान देगा और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने तथा नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए, ताकि परियोजना तय समय में पूरी होकर विद्यार्थियों के लिए जल्द शुरू की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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