कारगिल के अमर शहीदों को पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि, वीर परिवारों का हुआ सम्मान

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कारगिल के अमर शहीदों को पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि, वीर परिवारों का हुआ सम्मान


कारगिल के अमर शहीदों को पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि, वीर परिवारों का हुआ सम्मान


कारगिल के अमर शहीदों को पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि, वीर परिवारों का हुआ सम्मान


जौनपुर,26 जुलाई (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन की ओर से रविवार को सैनिक कल्याण कार्यालय में 27वां कारगिल विजय दिवस एवं संगठन का चौथा स्थापना समारोह श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में 1999 के कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा कारगिल के वीर जवानों के परिजनों को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए कैप्टन अजीत पांडेय ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को खदेड़ते हुए देश की एक-एक इंच भूमि को मुक्त कराया और राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा की। यह विजय हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध दुनिया के सबसे कठिन युद्धक्षेत्रों में लड़ा गया, जहां भारतीय सैनिकों ने शून्य से कई डिग्री नीचे तापमान, 16 से 18 हजार फीट की ऊंचाई, ऑक्सीजन की कमी और दुश्मन की लगातार गोलाबारी जैसी विषम परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय दिया। टोलोलिंग, टाइगर हिल, प्वाइंट-5140, प्वाइंट-4875 और खालूबार रिज जैसी रणनीतिक चोटियों पर भारतीय जवानों ने रात के अंधेरे में दुर्गम चट्टानों पर चढ़ाई कर दुश्मन के मजबूत ठिकानों पर कब्जा किया और कई वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद भारत ने रक्षा तैयारियों, खुफिया समन्वय, सीमा अवसंरचना और सैन्य आधुनिकीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति, तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन, सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क एवं सुरंग निर्माण, आधुनिक निगरानी प्रणाली तथा 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे कदमों ने देश की सामरिक शक्ति को और मजबूत किया है।समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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