यूइंग क्रिश्चियन महाविद्यालय की स्वायत्तता को यूजीसी से 2029 तक मिला विस्तार

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यूइंग क्रिश्चियन महाविद्यालय की स्वायत्तता को यूजीसी से 2029 तक मिला विस्तार


प्रयागराज, 21 फरवरी (हि.स)। यूइंग क्रिश्चियन महाविद्यालय, प्रयागराज की स्वायत्तता को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024-25 से 2028-29 तक बढ़ा दिया गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. ए.एस. मोसेस ने दी। उन्होंने शनिवार को बताया कि स्वायत्तता विस्तार की प्रक्रिया वर्ष 2018 में प्रारम्भ हुई, जो विभिन्न निरीक्षणों, मूल्यांकनों तथा आधिकारिक पत्राचार के अनेक चरणों से गुजरते हुए अंततः पूर्ण हुई। महाविद्यालय की स्वायत्तता के विस्तार से सम्बंधित यूजीसी द्वारा स्वीकृति पत्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सम्बोधित किया गया है, जो महाविद्यालय को 20 फरवरी 2026 को प्राप्त हो चुका है।

प्रो. मोसेस ने यह भी बताया कि यूजीसी द्वारा सत्र 2013-14 से 2023-24 तक की अवधि के लिए भी एक्स-पोस्ट फैक्टो (पूर्वव्यापी) स्वीकृति प्रदान की गई है। यूजीसी द्वारा इस पत्र के आने के पश्चात अब महाविद्यालय की स्वायत्तता को लेकर किसी भी प्रकार का कोई संशय नहीं है।

शनिवार को आयोजित महाविद्यालय की विद्वत परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रो. मोसेस ने सभी हितधारकों को आश्वस्त किया कि सत्र 2025-26 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ महाविद्यालय शैक्षणिक, आधारभूत संरचना तथा प्रशासनिक क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। विद्वत परिषद के सदस्य सचिव एवं संयोजक प्रो.जस्टिन मसीह ने विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों और समन्वयकों का स्वागत किया तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने और उसे उन्नत करने में उनके अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने परीक्षाओं, परिणामों, पाठ्यक्रम, परीक्षकों की नियुक्ति तथा नई परीक्षा नियमावली से सम्बंधित विषय विद्वत परिषद के समक्ष प्रस्तुत किए। विस्तृत चर्चा के उपरांत सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।

प्रो उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 से महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कर दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप सम्पूर्ण शैक्षणिक संरचना में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। बैठक में महाविद्यालय के शिक्षण एवं कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के हित में किए गए समर्पित प्रयासों के लिए विशेष प्रशंसा भी व्यक्त की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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