राजनीतिक दलों की मौजूदगी में परखी जा रहीं ईवीएम-वीवीपैट: जिलाधिकारी

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राजनीतिक दलों की मौजूदगी में परखी जा रहीं ईवीएम-वीवीपैट: जिलाधिकारी


कानपुर, 18 सितंबर (हि.स.) भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक-एक मशीन की तकनीकी जांच की जा रही है और पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी भी की जा रही है। यह बातें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को एफएलसी के दूसरे दिन जांच प्रक्रिया का निरीक्षण करने के दौरान कहीं।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित रोस्टर के अनुसार कानपुर नगर में ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) 17 सितंबर से शुरू हुई है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अधिकृत इंजीनियर मशीनों की तकनीकी जांच कर उनकी कार्यक्षमता परख रहे हैं। एफएलसी के दौरान आयोग से आए प्रेक्षकों के दल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. विवेक चतुर्वेदी के साथ समाजवादी पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अपना दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जनपद में प्रस्तावित 3736 मतदान केंद्रों के लिए 5417 ईवीएम और वीवीपैट की चरणबद्ध जांच की जा रही है। मशीन को उपयोग योग्य मानने से पहले उसकी कार्यशीलता का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान मशीनों में वोट डालकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वे सही तरीके से काम कर रही हैं। सही पाए जाने के बाद कंट्रोल यूनिट को गुलाबी कागजी सील लगाकर सुरक्षित रखा जा रहा है।

एफएलसी में सामान्य तकनीकी जांच के साथ रैंडम तरीके से चयनित मशीनों का विस्तृत परीक्षण भी होता है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा रैंडम चयनित मशीनों में से दो प्रतिशत पर 500 वोट, दो प्रतिशत पर 1000 वोट और एक प्रतिशत पर 1200 वोट डालकर कार्यक्षमता परखी जाती है। इस तरह कुल पांच प्रतिशत मशीनों का अधिक संख्या में वोट डालकर परीक्षण किया जाता है।

एफएलसी पूरी होने के बाद सही पाई गई मशीनों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ईवीएम वेयरहाउस में सीलबंद कर सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद ईवीएम प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से प्रथम रैंडमाइजेशन किया जाएगा। इसमें ईवीएम और वीवीपैट का विधानसभा क्षेत्रवार आवंटन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और जिला निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में होगा।

एफएलसी में सही पाई गई मशीनों में से निर्धारित मशीनों का इस्तेमाल मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण और मतदाता जागरूकता के लिए किया जाएगा। इन मशीनों पर अलग से ‘ट्रेनिंग एवं अवेयरनेस’ अंकित किया जाएगा। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा से पहले इन्हें निर्धारित स्थानों पर प्रशिक्षण और जागरूकता गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने के बाद इन मशीनों को प्रशिक्षण एवं जागरूकता के लिए निर्धारित स्थान से बाहर नहीं ले जाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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