मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और किया जाएगा मजबूत : डॉ. सीमा द्विवेदी

WhatsApp Channel Join Now
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और किया जाएगा मजबूत : डॉ. सीमा द्विवेदी


कानपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। हमारे अस्पताल में कानपुर सहित करीब 18 जनपदों से हर माह लगभग 200 गंभीर मरीज उपचार के लिए आते हैं। इनमें करीब 95 प्रतिशत मरीजों को सफलतापूर्वक बचा लिया जाता है। यह विशेषज्ञ सेवाओं, समर्पित चिकित्सकीय टीम और समयबद्ध उपचार का परिणाम है। यह बातें सोमवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी ने ‘एचडीयू 360 डिग्री’ सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम के दौरान कहीं।

मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के उद्देश्य से एचडीयू 360 डिग्री : प्रसूति एवं स्त्री रोग में क्रिटिकल केयर को मजबूत करना विषय पर सीएमई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा पेशेवरों को हाई डिपेंडेंसी यूनिट के प्रबंधन से जुड़ी नवीनतम जानकारी, दिशानिर्देश और उन्नत तकनीकों से परिचित कराना रहा, ताकि गंभीर और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर एवं सुरक्षित उपचार मिल सके।

डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल पहुंचने वाले करीब पांच प्रतिशत मरीजों की स्थिति बेहद गंभीर होती है। कई मरीज अस्पताल पहुंचते समय ही जीवन के लिए गंभीर खतरे में होते हैं। इसके बावजूद चिकित्सकीय टीम उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करती है।

डॉ. रेणु गुप्ता ने कहा कि गंभीर मामलों में समय पर रेफरल, त्वरित निदान, विभिन्न विशेषज्ञों की संयुक्त टीम से उपचार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों के उपचार में हर स्तर पर बेहतर समन्वय और तत्काल निर्णय की आवश्यकता होती है।

कार्यक्रम का उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय काला ने किया। उप-प्रधानाचार्य डॉ. रिचा गिरि और एसआईसी डॉ. सौरभ अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में डॉ. करिश्मा शर्मा ने ‘प्रसूति एचडीयू के परिचालन संबंधी दिशानिर्देश’ विषय पर व्याख्यान दिया।

‘प्रसूति एचडीयू को मजबूत करना : समस्याएं और समाधान’ विषय पर विशेषज्ञ पैनल चर्चा भी हुई। इसमें डॉ. अपूर्वा अग्रवाल, डॉ. एसके गौतम, डॉ. अवधेश कुमार और डॉ. शैली अग्रवाल ने विचार रखे। सत्र का संचालन डॉ. रेणु गुप्ता ने किया।

सीएमई का आयोजन डॉ. सीमा द्विवेदी, डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. रेणु गुप्ता, डॉ. शैली अग्रवाल, डॉ. वंदना शर्मा और डॉ. अनीता गौतम की देखरेख में हुआ। डॉ. गरिमा गुप्ता और डॉ. प्रज्ञा त्रिवेदी ने कार्यक्रम के समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। कार्यक्रम में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों तथा क्रिटिकल केयर से जुड़े चिकित्सकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों के बेहतर प्रबंधन और सुरक्षित मातृत्व के लिए उपचार व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Share this story