नौवें राष्ट्रीय पोषण माह का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ
गोरखपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। जिले में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन जुड़कर किया। प्रदेश स्तर पर आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम से जनपद के अधिकारी भी ऑनलाइन जुड़े। विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, परियोजना निदेशक दीपक सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। पोषण माह का आयोजन 9 सितंबर से 9 अक्टूबर तक किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कुपोषण को दूर करने के लिए सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और अभियानों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। पोषण से जुड़ी जागरूकता को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे प्रत्येक परिवार और समुदाय तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
विकास भवन सभागार में मौजूद अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के ऑनलाइन संबोधन को सुना। इस दौरान पोषण माह के तहत जिले में संचालित होने वाली गतिविधियों को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य पोषण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है।
पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें बच्चों के नियमित वजन एवं स्वास्थ्य की निगरानी, गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी देना, संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना, स्वच्छता और साफ-सफाई के महत्व को बताना तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग के लिए प्रेरित करना शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि कुपोषण से निपटने के लिए परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार संतुलित आहार उपलब्ध कराने के साथ ही समय पर टीकाकरण, स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच पर भी ध्यान देना आवश्यक है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पात्र परिवारों से निरंतर संपर्क बनाए रखें और पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अभियान के दौरान ‘सही पोषण, स्वस्थ जीवन’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सामुदायिक स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों के अभिभावकों को पोषण के प्रति जागरूक किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण संबंधी गतिविधियों के साथ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पौष्टिक भोजन तैयार करने की जानकारी भी दी जाएगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोषण माह की सभी गतिविधियों को प्रभावी और परिणामपरक ढंग से संचालित किया जाए। अभियान में किसी भी स्तर पर खानापूर्ति न हो और वास्तविक रूप से जरूरतमंद बच्चों एवं महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा ने बताया कि पोषण माह के दौरान विभाग की ओर से निर्धारित गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण होगी। उनके माध्यम से परिवारों को पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बच्चों की देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि कुपोषण की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से पोषण अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पोषण माह के दौरान निर्धारित गतिविधियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ संचालित करने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

