संस्कार, तकनीक और राष्ट्रभावना के समन्वय से तैयार होगी नई पीढ़ी : डॉ. सौरभ मालवीय

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संस्कार, तकनीक और राष्ट्रभावना के समन्वय से तैयार होगी नई पीढ़ी : डॉ. सौरभ मालवीय


संस्कार, तकनीक और राष्ट्रभावना के समन्वय से तैयार होगी नई पीढ़ी : डॉ. सौरभ मालवीय


बस्ती 22 अगस्त (हि.स.)। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रीयता और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के समन्वय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य शिक्षा को केवल परीक्षा और रोजगार तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और नागरिक दायित्व की भावना विकसित करना है। यह बातें विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग-बस्ती में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहीं।

डॉ. मालवीय ने बताया कि बदलते तकनीकी दौर में शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी आधुनिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोरक्ष प्रान्त के पूर्व छात्र प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आईटी और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र सेवा कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर वर्षभर व्याख्यान, विचार गोष्ठियां, निबंध, चित्रकला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और समाज को संत रविदास जी के जीवन, दर्शन, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश से जोड़ा जाएगा।

वहीं वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर सामूहिक वन्दे मातरम् गान, गायन एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को मजबूत किया जाएगा। वर्ष 2027 में विद्या भारती के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव के व्यापक आयोजन की भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें संस्था की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समाज के सामने रखा जाएगा।

क्षेत्रीय मंत्री ने कहा कि विद्या भारती के कार्यों में 'पंच परिवर्तन' को विशेष महत्व दिया जा रहा है। सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध और स्वबोध के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

पत्रकार वार्ता से पूर्व विद्या भारती गोरक्ष प्रान्त की विषय संयोजक एवं प्रान्त प्रमुख (आयाम) बैठक दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ आयोजित हुई। बैठक में डॉ. सौरभ मालवीय एवं शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक राम सिंह की उपस्थिति रही। अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह ने कराया।

बैठक में विभिन्न आयामों के प्रमुखों के साथ विभागीय कार्यों, आगामी कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार की रणनीति और पंच परिवर्तन के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। अंत में संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे, कन्हैया चौबे, प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह, प्रचार संयोजक अंकित कुमार गुप्ता, सोशल मीडिया प्रमुख नरेन्द्र चन्द्र कौशिक, प्रेम शरण मिश्र सहित विभिन्न आयामों के प्रमुख बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / महेंद्र तिवारी

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