देश के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति थे संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद : पवन श्रीवास्तव

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देश के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति थे संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद : पवन श्रीवास्तव


प्रयागराज,03 दिसंबर (हि.स.)। डॉ राजेंद्र प्रसाद भारतीय संविधान के असली रचयिता हैं वह राजनीतिक षड्यंत्र के शिकार हो गए। इस षड्यंत्र पर कायस्थ समाज सदैव दुखी रहता है कि जो सम्मान उनको मिलना चाहिए था वह कांग्रेस के शासनकाल होने की वजह से उन्हें प्राप्त न हो सका l यह बात बुधवार को जयंती के मौके पर पुष्पांजलि अर्पित करने बाद कायस्थ संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व पार्षद पवन श्रीवास्तव ने कही।

उन्होंने उन्हे भारत के मूर्धन्य व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह सबसे बुद्धिमान व्यक्ति थे यह बात सदैव निर्विवाद है l भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद जिनका राष्ट्रपति के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल रहा ऐसे महापुरुष को कायस्थ संघ ने नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की l

कायस्थ संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व पार्षद पवन श्रीवास्तव ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लेकर कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद भारतीय संविधान के असली रचयिता हैं। इस अवसर पर आलोक श्रीवास्तव, कुशाग्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, प्रभात श्रीवास्तव ,सुशील श्रीवास्तव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे l

प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद को भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया नमन

संविधान निर्मात्री सभा के अध्यक्ष राष्ट्र ऋषि स्वतंत्रता के बाद भारत के प्रथम नागरिक के रूप में प्रथम राष्ट्रपति पद पर आसीन होने वाले संविधान विशेषज्ञ, भारतीय राजनीतिज्ञ, वकील और पत्रकार के रूप में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर सिविल लाइन स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद कर नमन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण पुष्पांजलि कर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।

इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश सह संयोजक डॉ शैलेष पांडेय ने कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद का जीवन देश व समाज के लिए समर्पित रहा। वे अपनी विनम्रता, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए प्रसिद्ध थे जो भारत गणराज्य के पहले राष्ट्रपति (1950-62) बने। कृषि उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ाने और किसानों के दुःख-दर्द को दूर करने के दृढ़ पक्षधर के रूप में उन्होंने “ अधिक अन्न उपजाओ का नारा दिया था। उनका जन्मदिवस अधिवक्ता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।

इस दौरान राजन शुक्ला, विजय श्रीवास्तव, प्रमोद मोदी, रवींद्र गांधी, विवेक गौड़, विश्वास श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, विपिन तिवारी, श्याम बाबू, राम बहादुर सिंह, गया प्रसाद, डॉ संतोष शुक्ला, गौरव मिश्रा, संविधान एक्टिविस्ट मंजेश श्रीवास्तव, प्रवक्ता पवन श्रीवास्तव, सह मीडिया प्रभारी विवेक मिश्रा, हरीश पासवान, संदीप यादव, अनिल गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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