शरद पूर्णिमा को संकिसा में होने वाले बौद्ध महोत्सव के लिए डीआईजी ने संकिसा का किया दौरा
फर्रुखाबाद, 23 अक्टूबर (हि. स.)। शरद पूर्णिमा के अवसर पर संकिसा में आयोजित होने वाले बौद्ध महोत्सव मेले की तैयारियों, शांति व्यवस्था एवं आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के दृष्टिगत पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र यमुना प्रसाद की अध्यक्षता में सनातनी एवं बौद्ध पक्ष के पदाधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की उपस्थिति रही। बैठक में दोनों पक्षों के पदाधिकारियों के साथ मेले को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को सम्बोधित करते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक यमुना प्रसाद ने कहा कि ईश्वर एक है और हम सभी उसी एक मूल से निकली शाखाओं के समान हैं। सभी लोग अपनी-अपनी आस्था, मान्यताओं एवं विचारों के अनुरूप ईश्वर की उपासना करते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि हम सभी एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए आपसी सद्भाव, शांति, सहिष्णुता एवं भाईचारे की भावना को मजबूत बनाएं।
उन्होंने सनातनी एवं बौद्ध पक्ष के पदाधिकारियों से अपील की, कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण मेले को आपसी सहजता, समन्वय, सहयोग एवं सौहार्द के साथ सफल बनाएं। सभी पक्षों का प्रयास होना चाहिए कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अनावश्यक असहजता उत्पन्न न हो तथा श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी धार्मिक आस्थाओं के अनुरूप कार्यक्रमों में सहभागिता कर सकें।
पुलिस उप महानिरीक्षक ने कहा कि संकिसा का यह आयोजन धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां देश-विदेश, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु एवं अतिथि का स्वागत भारतीय संस्कृति की महान परम्परा ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप करें। श्रद्धालु यहां से शांति, सद्भाव, पारस्परिक सम्मान एवं भारतीय संस्कृति की सकारात्मक अनुभूति लेकर जाएं और अपने-अपने देशों में भारत की संस्कृति, सभ्यता तथा आपसी भाईचारे की भावना का संदेश प्रसारित करें।
प्रशासन की ओर से सभी पक्षों एवं आमजन से अपील की गई कि शरद पूर्णिमा पर संकिसा में आयोजित होने वाले बौद्ध महोत्सव मेले को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। आपसी भाईचारे, धार्मिक सद्भाव एवं सामाजिक समरसता की भावना को बनाए रखते हुए भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का परिचय दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर

