सेवायोजन कार्यालय में लापरवाही पर डीएम सख्त, पांच कार्मिकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

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सेवायोजन कार्यालय में लापरवाही पर डीएम सख्त, पांच कार्मिकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश


कानपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। कार्यालय में अनुपस्थिति, निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था न होने और लंबित प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रोजगार मेलों में चयनित अभ्यर्थियों में कितनों ने वास्तव में कार्यभार ग्रहण किया और वर्तमान में कितने कार्यरत हैं, इसका सत्यापन कराया जाएगा। यह बातें बुधवार को जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान कहीं।

जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका की जांच की तो पांच वरिष्ठ सहायक राकेश कुमार सिंह, संजीव कुमार श्रीवास्तव, रजनी वर्मा, सतीश पाण्डेय एवं क्षेम अग्निहोत्री अनुपस्थित मिले। उन्होंने पांचों कार्मिकों का एक दिन का वेतन काटने और एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। साथ ही यह पता लगाने को कहा कि संबंधित कार्मिकों को कार्यालय से अनुपस्थित रहने की अनुमति किस अधिकारी ने दी थी। भविष्य में ऐसी स्थिति दोहराने पर संबंधित कार्मिक के साथ पर्यवेक्षणीय अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण के लिए निजी वेंडर बैठे मिले। वहीं कार्यालय के भीतर अभ्यर्थियों के निःशुल्क पंजीकरण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। डीएम ने तत्काल निःशुल्क पंजीकरण काउंटर और हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा इसकी जानकारी मुख्य द्वार समेत प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने को कहा। निजी वेंडरों को वहां बैठने की अनुमति किस अधिकारी और किस व्यवस्था के तहत दी गई, इसकी रिपोर्ट तीन कार्य दिवस में मांगी गई है।

प्रशासनिक अधिकारी की तैनाती के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों का अद्यतन कार्य-वितरण उपलब्ध नहीं मिला। लेखा अनुभाग में चार कर्मचारियों की तैनाती पर डीएम ने प्रत्येक अनुभाग के वास्तविक कार्यभार और उसके अनुरूप कर्मचारियों की तैनाती का औचित्य स्पष्ट करते हुए तीन कार्य दिवस में आख्या देने के निर्देश दिए।

उन्होंने वर्ष 2026 में आयोजित रोजगार मेलों की वास्तविक प्रभावशीलता की जांच कराने को कहा। चयनित अभ्यर्थियों की संख्या को ही उपलब्धि न मानते हुए यह सत्यापित करने के निर्देश दिए कि चयनित अभ्यर्थियों में कितनों ने संबंधित नियोजक के यहां कार्यभार ग्रहण किया और कितने वर्तमान में कार्यरत हैं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट सात कार्य दिवस में मांगी गई है।

मुख्य विकास अधिकारी को रोजगार मेलों में चयनित कम से कम 20 प्रतिशत अभ्यर्थियों का नमूना आधारित सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। पिछले एक वर्ष में पंजीकृत नए नियोजकों, उनके द्वारा अधिसूचित रिक्तियों तथा उनके सापेक्ष चयनित एवं नियोजित अभ्यर्थियों का माहवार विवरण भी तलब किया गया।

निरीक्षण में कार्यालय परिसर की स्वच्छता संतोषजनक नहीं मिली। डीएम ने तत्काल सफाई कराने और तीन दिन में सफाई से पहले व बाद के दिनांकित फोटोग्राफ सहित अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। अभ्यर्थियों के लिए बैठने, पेयजल, शौचालय, सूचना पट्ट, शिकायत एवं सुझाव व्यवस्था तथा सेवायोजन पोर्टल संबंधी सहायता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रत्येक अनुभाग में लंबित प्रकरणों की अनुभागवार और कर्मचारीवार सूची तैयार करने को कहा गया है। इसमें प्रकरण के लंबित रहने की अवधि और कारण दर्ज किए जाएंगे। निर्धारित समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों को अलग से चिह्नित कर उनके निस्तारण की समयबद्ध कार्ययोजना सात कार्य दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

डीएम ने रोजगार आयोग के गठन के बाद वर्ष 2026 में जनपद स्तरीय समिति की बैठकों का तिथिवार विवरण भी मांगा। बैठक न होने की स्थिति में इसके कारण, बैठक कराने के लिए किए गए पत्राचार और उत्तरदायी अधिकारी का विवरण तीन कार्य दिवस में उपलब्ध कराने को कहा गया।

सहायक निदेशक, सेवायोजन को निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों के संबंध में आवश्यक अभिलेख, विवरण, फोटोग्राफ और सत्यापन रिपोर्ट सहित बिंदुवार अनुपालन आख्या एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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