स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, बीपीएम-बीसीपीएम समेत कई अधिकारियों का वेतन रोका

WhatsApp Channel Join Now
स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, बीपीएम-बीसीपीएम समेत कई अधिकारियों का वेतन रोका


स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, बीपीएम-बीसीपीएम समेत कई अधिकारियों का वेतन रोका


मातृ-शिशु मृत्यु रोकने को डीएम ने दिए कड़े निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

-प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपने अधीनस्थों का करे प्रभावी अनुश्रवण, स्वास्थ्य योजना हर हाल में जमीनी स्तर तक हो सुनिश्चित-डीएम

देवरिया, 04 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सभी बीपीएम एवं बीसीपीएम का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए और सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने की चेतावनी दी।

समीक्षा के दौरान भटनी एवं मझगांवा के प्रभारी चिकित्साधिकारियों का भी एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी लार को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा 20 दिन से कम उपस्थिति वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) से स्पष्टीकरण लेने को कहा गया। मंत्रा ऐप पर टीकाकरण की अपलोडिंग में लापरवाही मिलने पर बीपीएम भाटपाररानी सहित संबंधित कर्मियों का भी वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु मृत्यु वाले गांवों का आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम के साथ संयुक्त भ्रमण कर कारणों की जांच करने तथा मंगलवार तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी संबंधित गांवों में सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर भेजकर सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने को कहा।

उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) की समय से पहचान, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के नियमित फील्ड भ्रमण तथा स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के सत्रों में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भलुअनी में तैनात एक फार्मासिस्ट द्वारा आवश्यक दवाओं की मांग न भेजने पर उनका वेतन भी बाधित करने के आदेश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं आमजन के जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि अब जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक प्रत्येक तीसरे दिन आयोजित होगी और सभी अधिकारियों को अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित होना होगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

Share this story