गौआश्रय स्थल में अव्यवस्थाओं पर डीएम सख्त, सुधार के दिये निर्देश
कानपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। गौवंशों के संरक्षण और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी गौआश्रय स्थलों पर मानक के अनुसार हरा चारा और साइलेज उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं में कमी मिलने पर सम्बंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी। गर्मी और लू को देखते हुए गौवंशों के लिए समुचित इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए समयबद्ध कार्यवाही जरूरी है। यह बातें शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कही।
जिलाधिकारी ने नरवल तहसील के बौसर स्थित गौआश्रय स्थल का औचक दौरा कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान यहां 51 गौवंश संरक्षित पाए गए, जिनमें 14 नर और 37 मादा शामिल हैं। इस दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। गौवंशों को निर्धारित मानक अनुसार हरा चारा और साइलेज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था और केवल सूखा चारा व भूसा दिया जा रहा था। इसके साथ ही गौशाला परिसर में साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली।
डीएम ने इन अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए पंचायत सचिव राजकुमार को फटकार लगाई और स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही गौआश्रय स्थल पर अब तक विद्युत कनेक्शन न होने को गंभीर लापरवाही मानते हुए सम्बंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि गौआश्रय स्थल की समग्र समीक्षा कर 10 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही गर्मी और लू को देखते हुए गौवंशों के लिए पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनुराग सिंह, नायब तहसीलदार आशीष पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

