खनिज परिवहन शुल्क में जिला पंचायत का बड़ा बदलाव, अब खंडवार टेंडर से छोटे ठेकेदारों को मिलेगा मौका

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खनिज परिवहन शुल्क में जिला पंचायत का बड़ा बदलाव, अब खंडवार टेंडर से छोटे ठेकेदारों को मिलेगा मौका


बांदा, 21 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत बांदा ने खनिज परिवहन शुल्क व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अब किसी एक ठेकेदार के वर्चस्व को समाप्त करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत जिले में विकासखंडवार खनिज उद्गम स्थल चिन्हित कर टेंडर प्रक्रिया कराई जाएगी। इससे अब छोटे से छोटे ठेकेदार को भी खनिज परिवहन शुल्क का ठेका लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही खनिज परिवहन शुल्क की नई दरें भी लागू की जा रही हैं।

यह जानकारी शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल ने जिला पंचायत परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों के अनुरूप जिला पंचायत “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के तहत अधिक से अधिक लोगों को अवसर देना चाहती है। इस विकेंद्रीकरण से जहां जिला पंचायत के राजस्व में वृद्धि होगी, वहीं अधिक लोगों को आत्मनिर्भर बनने का मौका भी मिलेगा।

उन्होंने बताया कि 28 फरवरी 2026 को नए टेंडरों की ई-ऑक्शन के तहत बांदा तहसील के मरौली खादर में पांच, पैलानी के बरेहटा खादर में दो, बबेरू के चरका खादर के खंड 8, 9 और 10, पैलानी के सादी मदनपुर में तीन, बांदा के भूरागढ़-दुरेडी सहित पांच, बबेरू के मर्का खंड 3 और 4, नरैनी के गिरवा-खलारी में छह, नरैनी के चंद्रपुरा और कल्याणपुर, तथा पैलानी के खपटिहा कला में बालू, मोरम और रेत खनन के उद्गम स्थलों के माध्यम से नीलामी कराई जाएगी।

इसी प्रकार पत्थर, बोल्डर और गिट्टी के लिए भी अलग उद्गम स्थल तय किए गए हैं। इनमें नरैनी तहसील के नहरी खंड 1, 2, 5, 7, 8 एवं रकबा 501, 309, इसी तहसील के पनगरा खंड 1, 2, 4, बांदा तहसील के मटौंध रकबा 360 तथा अतर्रा तहसील के संग्राम खंड 1, 2, 3, 4 शामिल हैं। इसके अलावा सुर्खी, चूना मिट्टी और कोयला भस्सी के लिए भी अलग-अलग उद्गम स्थल तय किए गए हैं। इनमें बांदा के बड़ोखर खुर्द, अतर्रा के महुआ, नरैनी, बबेरू के कमासिन, अतर्रा के बिसंडा, पैलानी के जसपुरा और बांदा के तिंदवारी क्षेत्र शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि उद्गम स्थलों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया के साथ-साथ खनिज परिवहन शुल्क की नई दरें भी तय कर दी गई हैं। नई दरों के अनुसार पशुओं द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी पर 30 रुपये प्रति फेरी, मानव चालित नाव पर 50 रुपये प्रति फेरी, मशीन या मोटर चालित नाव पर 100 रुपये प्रति फेरी, ट्रैक्टर-ट्रॉली दो चक्का पर 120 रुपये प्रति फेरी तथा चार चक्का या उससे अधिक ट्रॉली पर 200 रुपये प्रति फेरी शुल्क निर्धारित किया गया है।

इसी तरह मिनी ट्रक पर 230 रुपये, 6 चक्का ट्रक पर 350 रुपये, 10 चक्का ट्रक पर 400 रुपये, 12 चक्का ट्रक पर 600 रुपये, 14 चक्का ट्रक पर 750 रुपये, 16 चक्का ट्रक पर 800 रुपये, 18 चक्का ट्रक पर 850 रुपये तथा 22 चक्का या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रक पर 950 रुपये प्रति फेरी शुल्क तय किया गया है।

सुनील सिंह पटेल ने कहा कि पहले खनिज परिवहन शुल्क का ठेका एक ही व्यक्ति ले लेता था, जिससे अन्य इच्छुक लोगों को मौका नहीं मिल पाता था। कई छोटे ठेकेदार आर्थिक रूप से सक्षम न होने के कारण ठेका नहीं ले पाते थे। अब खंडवार वसूली का ठेका दिए जाने से ऐसे लोगों का सपना साकार होगा।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई ठेकेदार निर्धारित दरों से अधिक वसूली करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान जिला पंचायत के कार्याधिकारी डॉ. सुजीत कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

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