लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुशासन व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक : लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बीके गोयल

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लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुशासन व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक : लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बीके गोयल


लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुशासन व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक : लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बीके गोयल


लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुशासन व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक : लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बीके गोयल


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गोरखपुर, 11 सितंबर (हि.स.)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने कहा कि जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुशासन और दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने ज्ञान और सामर्थ्य का उपयोग समाज के विकास के निमित्त करना चाहिए।

लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. गोयल शुक्रवार को महाराणा प्रताप कन्या इण्टर कॉलेज एवं महाराणा प्रताप महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामदत्तपुर के संयुक्त तत्वावधान में, युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पावन स्मृति में आयोजित सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला के शुभारंभ सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के समाजसेवा, शिक्षा एवं सामाजिक समरसता के क्षेत्र में किए गए कार्यों को स्मरण करते हुए उनके योगदान को समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी बताया। मुख्य अतिथि ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की वर्ष 1932 में स्थापना से लेकर वर्तमान में उसके अंतर्गत संचालित चार दर्जन से अधिक शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यात्रा शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण की दीर्घकालीन प्रतिबद्धता का परिचायक है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्थान की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

डॉ. गोयल ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। विद्यार्थियों को अपने आसपास हरियाली बढ़ाने, वृक्षों की देखभाल करने तथा जल, वायु और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने पक्षियों के संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता पर भी बल दिया। पक्षी-प्रेमी के रूप में अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास के पक्षियों एवं जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता व्यक्ति के चरित्र और सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डॉ. गोयल ने विद्यार्थियों से अपने सैन्य सेवाकाल के अनुभव भी साझा किए तथा अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. हर्षिता सिंह ने मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सीमा श्रीवास्तव सहित सभी शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन सत्य प्रकाश तिवारी ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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